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Varanasi: शिवपुर में 2 करोड़ के चोरी का पर्दाफाश, मुठभेड़ के बाद मास्टरमाइंड विशाल समेत 4 गिरफ्तार; देखें रिकवरी लिस्ट

फरार एक अन्य आरोपी की तलाश जारी, डीसीपी वरुणा और डीसीपी क्राइम ने किया खुलासा

 

वाराणसी, भदैनी मिरर। उत्तर प्रदेश की वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस को अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम ने थाना शिवपुर क्षेत्र में बीते 3 जून को हुई करोड़ों रुपये की हाई-प्रोफाइल चोरी की घटना का महज 10 दिनों के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है.

इस मामले में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद शातिर गैंग के मास्टरमाइंड सहित कुल 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है. चोरों के पास से बरामद जेवरात और नकदी की कुल अनुमानित कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इस त्वरित और बड़ी कामयाबी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम को 1 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है.

मुठभेड़ के बाद दबोचा गया मास्टरमाइंड विशाल


मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने बताया कि पुलिस टीम पिछले 10 दिनों से लगातार कड़ियों को जोड़ने में लगी हुई थी. घेराबंदी के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें मुख्य आरोपी विशाल को पैर में गोली लगने के बाद दबोच लिया गया, जबकि उसके अन्य साथियों को भी पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया.

गिरफ्तार आरोपियों में गैंग का मास्टरमाइंड विशाल मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार हुआ है, इसके अलावा यश, रोहित पाल और चोरी के सोने को गलाने और खपाने वाला सुनार अमन सेठ अरेस्ट हुआ है। 


 

बरामदगी की लिस्ट: लगभग 900 ग्राम सोना और डायमंड ज्वेलरी बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से जो माल बरामद किया है, उसे देखकर हर कोई दंग है. बरामद की गई सामग्रियों में शामिल हैं:

* सोना: लगभग 900 ग्राम सोना (जो 8 ईंटों के रूप में ढाला जा चुका था)
* चैन व कंगन: 2 सोने की चेन, 2 सोने के धागे और 3 कंगन
* डायमंड ज्वेलरी: डायमंड का कीमती मंगलसूत्र, डायमंड टॉप्स और सोने-डायमंड की अंगूठियां
* अन्य जेवरात: कान की बालियां और अन्य गहने
* नगद कैश: ₹4,27,000 (चार लाख सत्ताइस हजार रुपये) नगद


हाईटेक था चोरी का तरीका, कॉलोनियों में करते थे 'रेकी'

डीसीपी प्रमोद कुमार ने बताया कि यह कोई आम चोर नहीं हैं, बल्कि यह एक 'हैबिचुअल' (आदतन) अपराधियों का संगठित गिरोह है, जो पहले भी कई बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुका है.

* ऐसे चुनते थे निशाना: यह गैंग पॉश कॉलोनियों में घूमकर ऐसे घरों को चिन्हित करता था जो सुनसान इलाकों में हों या जिनके मालिक घर पर ताला लगाकर बाहर गए हों. रेकी पूरी होने के बाद ये लोग घटना को अंजाम देते थे.
* किराए के कमरे से चल रहा था नेटवर्क: पुलिस के मुताबिक, ये सभी आरोपी लालपुर थाना क्षेत्र की भक्ति नगर कॉलोनी में छात्र या सामान्य नागरिक बनकर किराए पर रहते थे और वहीं से पूरा नेटवर्क चला रहे थे.
* लंबा क्रिमिनल इतिहास: गिरफ्तार किए गए आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास है. मास्टरमाइंड विशाल के खिलाफ पहले से ही अलग-अलग थानों में 15 गंभीर मुकदमें दर्ज हैं, जबकि उसके साथी यश के खिलाफ 11 मुकदमे दर्ज हैं.

पुलिस अब इस गैंग के अन्य संभावित संपर्कों और चोरी की अन्य घटनाओं में इनकी संलिप्तता की गहराई से जांच कर रही है.