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वाराणसी: पिसौर में बंद मकान का ताला तोड़ लाखों की चोरी, CCTV और DVR भी उखाड़ ले गए चोर; जांच पर उठे सवाल

शिवपुर थाना क्षेत्र में चोरों ने दुस्साहस दिखाते हुए करीब ढाई लाख के जेवर व नकदी पर फेरा हाथ; घटना के 3 दिन बाद पीड़ित ने दी लिखित तहरीर

 

वाराणसी (भदैनी मिरर): धर्मनगरी वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पिसौर में चोरों ने पुलिस की गश्त और सक्रियता की पोल खोलकर रख दी है। बेखौफ चोरों ने एक बंद मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषणों और गुल्लक में रखी नकदी पर हाथ साफ कर दिया। शातिर चोर इतने चालाक निकले कि पुलिस के हाथ कोई इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य न लगे, इसके लिए वे घर में लगा CCTV कैमरा और DVR तक उखाड़ ले गए।

घटना के तीन दिनों तक जांच के नाम पर ही मामला अटका रहा, जिसके बाद पीड़ित ने रविवार (30 अगस्त) को शिवपुर थाने में लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की गुहार लगाई है।

गांव गए थे परिजन, पड़ोसियों ने दी ताला टूटने की सूचना

मूल रूप से जौनपुर के रहने वाले और पिछले 5 सालों से पिसौर में मकान बनाकर रह रहे पीड़ित अभिषेक कुमार पांडेय (पुत्र श्री ओम प्रकाश पांडेय) ने बताया कि वह 26 अगस्त की शाम करीब 5:00 बजे अपने बच्चों के साथ पैतृक गांव गए थे।

अगले दिन 27 अगस्त को दोपहर करीब 3:00 बजे पड़ोसियों (बच्चों के दोस्तों) ने फोन पर सूचना दी कि उनके सीढ़ी वाले कमरे का दरवाजा और अंदर के कमरे का ताला टूटा हुआ है। सूचना मिलते ही जब पीड़ित शाम करीब 5:00 बजे पिसौर स्थित अपने मकान पर पहुंचे, तो अंदर का सारा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था और अलमारी टूटी हुई थी।

ढाई लाख के जेवरात और नकदी पार

पीड़ित के अनुसार, अलमारी खंगालने पर पता चला कि चोरों ने लगभग 2 से ढाई लाख रुपये मूल्य के आभूषण साफ कर दिए हैं। चोरी गए सामानों में मुख्य रूप से:

  • सोने के आभूषण: 1 भर की सोने की सिकड़ी और 1 सोने की अंगूठी।

  • चांदी के सामान: 12 से 15 चांदी के सिक्के, लक्ष्मी-गणेश की चांदी की मूर्ति और चांदी की पैजनी (पायल)।

  • नकदी: बच्चों के गुल्लक में जमा की गई नकदी।

सबूत मिटाने के लिए CCTV और DVR ले गए चोर

चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद चोरों ने बेहद शातिराना अंदाज में काम किया। घर के बाहर और अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया गया और पूरी रिकॉर्डिंग वाले DVR को उखाड़कर अपने साथ ले गए, ताकि पुलिस को उनकी पहचान का कोई सुराग न मिल सके।

3 दिन बाद दी गई लिखित तहरीर, पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

पीड़ित ने बताया कि घटना के दिन ही 112 नंबर पर सूचना दी गई थी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय चौकी इंचार्ज मानवी शुक्ला ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। हालांकि, शुरुआती तीन दिनों तक आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और जांच का आश्वासन ही मिलता रहा।

30 अगस्त को पीड़ित अभिषेक पांडेय ने शिवपुर थाने में औपचारिक लिखित तहरीर दी। अब सवाल यह उठ रहा है कि शहर में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बीच पुलिस कब तक इन शातिर चोरों को सलाखों के पीछे पहुंचाती है और पीड़ित परिवार को उनका सामान वापस दिला पाती है।