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Varanasi Tantrik Murder Case: वाराणसी में तांत्रिक की खौफनाक हत्या, गाने बजाकर गैस सिलेंडर-स्टूल से किया कत्ल

लालपुर-पाण्डेयपुर पुलिस का बड़ा खुलासा: 1 जुलाई को हत्या कर झाड़ियों में फेंका था शव, टैटू से हुई पहचान; जानिए कत्ल की पूरी कहानी

 

भदैनी मिरर (क्राइम डेस्क): वाराणसी के थाना लालपुर-पाण्डेयपुर क्षेत्र में बीते दिनों गायब हुए तांत्रिक अनीश उपाध्याय की गुमशुदगी का पुलिस ने रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा किया है। तंत्र-मंत्र के नाम पर अवैध संबंधों की कोशिश, पैसे ऐंठने और परिवार में बीमारी बढ़ने से परेशान एक ही परिवार के लोगों ने योजना बनाकर तांत्रिक की निर्मम हत्या कर दी थी।

पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड में शामिल सभी 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। कत्ल में इस्तेमाल गैस सिलेंडर, लकड़ी का स्टूल, लोहे की रॉड और आवाज दबाने के लिए इस्तेमाल किया गया म्यूजिक सिस्टम भी बरामद कर लिया गया है।

गुमशुदगी से मर्डर मिस्ट्री तक: कैसे खुली कत्ल की परतें?

  • 1 जुलाई 2026: तांत्रिक अनीश उपाध्याय की कंचनपुर (मंडुवाडीह) स्थित एक किराये के मकान में हत्या की गई।

  • 5 जुलाई 2026: डाफिया टोल प्लाजा के पास झाड़ियों से एक अज्ञात सड़ा-गला शव (Decomposed Body) बरामद हुआ, जिसकी पहचान उस वक्त नहीं हो सकी थी।

  • 9 जुलाई 2026: अनीश उपाध्याय की पत्नी ने थाना लालपुर-पाण्डेयपुर में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई।

  • 13 अगस्त 2026: पुलिस जांच और परिजनों की तहरीर के आधार पर कत्ल और साक्ष्य मिटाने का मामला (FIR No. 244/2026) दर्ज किया गया।

  • 14 अगस्त 2026: पुलिस ने सर्विलांस, बी-पार्टी एनालिसिस और तकनीकी जांच के आधार पर कानपुर व उन्नाव में दबिश देकर सभी 6 आरोपियों को धर दबोचा।

हाथ के टैटू से हुई मृतक की पहचान: शव काफी सड़ चुका था और उसमें कीड़े पड़ चुके थे। पुलिस ने शव को कोल्ड स्टोरेज में रखकर 9 तारीख को पोस्टमार्टम कराया। मृतक के हाथ पर बने दो टैटू से उसकी पहचान अनीश उपाध्याय के रूप में संभव हो सकी।

हत्या की वजह: तंत्र-मंत्र, अवैध संबंध की कोशिश और ठगी

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मूल रूप से चुनार (मिर्जापुर) के रहने वाले सोनू, विशाल और विकास के घर में काफी गरीबी और बीमारी चल रही थी। ऊपरी साया होने के शक में उन्होंने गोईठहां के तांत्रिक बाबा अनीश उपाध्याय से संपर्क किया।

  1. पैसे ऐंठना: तांत्रिक ने परिवार में किसी की मौत होने का डर दिखाकर पूजा-पाठ के नाम पर मोटी रकम ऐंठना शुरू कर दिया।

  2. अवैध संबंध का प्रयास: पूजा-पाठ के बहाने तांत्रिक घर की महिला को गलत तरीके से छूने और अवैध संबंध बनाने की कोशिश कर रहा था।

  3. फ्रस्ट्रेशन और मर्डर का प्लान: जब विकास की तबीयत और बिगड़ी तो परिजनों को समझ आ गया कि तांत्रिक उन्हें ठग रहा है। इसके बाद तीनों भाइयों (सोनू, विशाल, विकास) ने अपने रिश्तेदारों (अभिषेक, मोहित, साहिल) के साथ मिलकर कत्ल की खौफनाक साजिश रची।

गानों के शोर में खौफनाक कत्ल, बॉडी स्प्रे से मिटाई बदबू

साजिश के तहत 1 जुलाई को साहिल पर 'ऊपरी साया' आने का बहाना बनाकर तांत्रिक को कंचनपुर स्थित किराये के मकान में बुलाया गया।

  • चीख-पुकार बाहर न जाए, इसके लिए म्यूजिक सिस्टम पर तेज गाने चला दिए गए।

  • इसके बाद आरोपियों ने लकड़ी के स्टूल, घरेलू गैस सिलेंडर और लोहे की रॉड से सिर व गले पर वार कर तांत्रिक को मौत के घाट उतार दिया।

  • कत्ल के बाद दीवार और फर्श पर लगे खून के छीटों को धोया गया और बदबू छिपाने के लिए रूम फ्रेशनर व बॉडी स्प्रे का छिड़काव किया गया।

  • रात में शव को ले जाकर डाफिया टोल प्लाजा के पास झाड़ियों में फेंक दिया गया।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

  1. सोनू (उम्र 36 वर्ष) - निवासी चुनार, मिर्जापुर (हाल पता: कंचनपुर, मंडुवाडीह)

  2. विशाल (उम्र 24 वर्ष) - निवासी चुनार, मिर्जापुर

  3. विकास कुमार गौड़ (उम्र 21 वर्ष) - निवासी चुनार, मिर्जापुर

  4. साहिल गौड़ (उम्र 23 वर्ष) - निवासी निराला नगर, सिगरा, वाराणसी

  5. अभिषेक उर्फ रोहित (उम्र 23 वर्ष) - निवासी निराला नगर, सिगरा, वाराणसी

  6. मोहित कश्यप (उम्र 21 वर्ष) - निवासी नवाबगंज, कानपुर

सराहनीय कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम

इस जघन्य हत्याकांड का पर्दाफाश करने में सहायक पुलिस आयुक्त कैंट अपूर्व पाण्डेय के नेतृत्व में थाना प्रभारी लालपुर-पाण्डेयपुर अतुल कुमार सिंह, उप-निरीक्षक दिनेश सिंह, महिला उ0नि0 आकांक्षा मिश्रा, हे0का0 अखिलेश यादव, का0 प्रदीप पासवान, का0 राहुल व टीम की मुख्य भूमिका रही।