Varanasi : गमछे से गला घोंटकर कुएं में फेंका, जिंदा बचा तो साड़ी के सहारे निकाला; आरोपी अरेस्ट
वाराणसी में रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात, सराफत अली को पुलिस ने जेल भेजा
भदैनी मिरर डेस्क। वाराणसी के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र में दोस्ती को शर्मसार और इंसानियत को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक आरोपी ने युवक को बहाने से रिंग रोड स्थित कुएं के पास ले जाकर गमछे से उसका गला घोंट दिया और मरा हुआ समझकर उसे गहरे कुएं में फेंक दिया। हालांकि, कुएं में होश आने पर जब पीड़ित ने मदद की गुहार लगाई, तो आरोपी ने किसी से कुछ न कहने की शर्त पर साड़ी के सहारे उसे बाहर निकाला और 10 हजार रुपये देकर मुंह बंद रखने की धमकी दी।
मिर्जामुराद थाना पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और घटना में इस्तेमाल गमछा व साड़ियां भी बरामद कर ली हैं।
काम का बहाना बनाकर ले गया रिंग रोड, फिर किया हमला
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित विवेक कुमार पटेल के पिता प्रकाश चंद्र ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 28 जुलाई 2026 की रात करीब 9:30 बजे हरपुर (हाल पता) का निवासी सराफत अली उनके घर पहुंचा। वह विवेक को कुछ काम का बहाना बनाकर अपनी बाइक पर बैठाकर मेहदीगंज रिंग रोड स्थित एक ताल के पास बने कुएं के पास ले गया।
वहां पहुंचते ही सराफत अली ने पीछे से अचानक अपने गमछे से विवेक का गला कस दिया। जब विवेक ने खुद को छुड़ाने का प्रयास किया, तो आरोपी ने उसके मुंह पर मुक्कों से ताबड़तोड़ वार किए। गला दबने और पिटाई के कारण विवेक बेहोश हो गया। आरोपी ने उसे मृत मान लिया और कुएं में फेंककर मौके से जाने लगा।
कुएं में आया होश, तो आरोपी ने रखी मुंह बंद रखने की शर्त
कुछ देर बाद जब विवेक को कुएं के अंदर होश आया, तो उसने खुद को लहूलुहान हालत में पाया। उसने अपनी जान बचाने के लिए जोर-जोर से चिल्लाना और गुहार लगाना शुरू कर दिया। आरोपी सराफत अली वहीं आसपास ही मौजूद था। चीख-पुकार सुनकर वह वापस आया और बोला, "तुम अभी जिंदा हो? मैं तो तुम्हें मरा समझकर फेंक गया था।"
पीड़ित द्वारा काफी मिन्नतें करने पर आरोपी ने शर्त रखी कि वह इस घटना के बारे में किसी को नहीं बताएगा। शर्त मानने के बाद आरोपी करीब एक घंटे बाद साड़ियां लेकर आया और उन्हें आपस में बांधकर कुएं में लटकाया। विवेक ने साड़ी को अपनी कमर में बांधा, जिसके सहारे आरोपी ने उसे बाहर निकाला।
'10 हजार लो, इलाज कराओ... मुंह खोला तो नहीं बचोगे'
कुएं से बाहर निकालने के बाद आरोपी सराफत अली ने पीड़ित को धमकी देते हुए कहा, "ये 10 हजार रुपये लो और इलाज करा लेना। किसी को बताना मत कि चोट कैसे लगी, वरना इस बार नहीं बचोगे।" इसके बाद पीड़ित किसी तरह देर रात करीब 12:30 बजे बदहवास और लहूलुहान हालत में अपने घर पहुंचा और परिजनों को आपबीती बताई। परिजनों ने तत्काल यूपी 112 पुलिस को सूचना दी और युवक को अस्पताल में भर्ती कराया। घटना के बाद से ही पीड़ित का मोबाइल और पर्स भी गायब है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: आरोपी गिरफ्तार, साड़ियां व गमछा बरामद
घटना के संबंध में पीड़ित के पिता की तहरीर पर थाना मिर्जामुराद में मुकदमा BNS की धारा 109(1) और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने आरोपी सराफत अली को मेहदीगंज बस स्टॉप, रिंग रोड के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लाल रंग का गमछा,
पीड़ित को कुएं से निकालने में इस्तेमाल की गई 4 साड़ियां बरामद कर ली हैं। पुलिस आरोपी को जेल भेज दिया है।
आरोपी को गिरफ्तार करने में उप-निरीक्षक गणेश प्रसाद पटेल (चौकी प्रभारी खजूरी), हेड कांस्टेबल जितेंद्र कुमार यादव और कांस्टेबल रामाश्रय सरोज (थाना मिर्जामुराद, कमिश्नरेट वाराणसी)।