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वाराणसी: रोहनिया व्यापारी हत्याकांड का SOG ने किया सनसनीखेज खुलासा,पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने टीम को दिया ₹1 लाख का इनाम

₹26 लाख हड़पने के लिए रची गई थी किराना व्यापारी जितेंद्र पटेल की हत्या की साजिश; पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने टीम को दिया ₹1 लाख का इनाम

 

वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क): वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र में हुए चर्चित और सनसनीखेज व्यापारी हत्याकांड का कमिश्नरेट पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बैक-टू-बैक बड़ी कार्रवाई करते हुए सफल खुलासा कर दिया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और रोहनिया थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने सटीक रणनीति और तकनीकी सर्विलांस के दम पर इस ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझा ली है।

इस बड़ी कामयाबी और पेशेवर कार्यशैली से गदगद होकर वाराणसी के पुलिस आयुक्त (CP) मोहित अग्रवाल ने SOG, रोहनिया थाना और वरुणा जोन की संयुक्त टीम की पीठ थपथपाई है और उन्हें ₹1 लाख के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है।

8 जून को अवलेशपुर में हुई थी दिनदहाड़े हत्या

मालूम हो कि बीते 8 जून 2026 को रोहनिया थाना क्षेत्र के अवलेशपुर इलाके में किराना व्यापारी जितेंद्र पटेल की बेखौफ अपराधियों ने दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस वारदात के बाद पूरे वाराणसी के व्यापारिक जगत और स्थानीय इलाके में भारी आक्रोश और सनसनी फैल गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने SOG और स्थानीय पुलिस की कई टीमें बनाकर हत्यारों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।

 ₹26 लाख की 'साइबर ठगी' से जुड़ी थी हत्या की साजिश

SOG प्रभारी गौरव सिंह और रोहनिया पुलिस की टीम ने जब घटनास्थल के आसपास के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया, तो एक बेहद चौंकाने वाली कहानी सामने आई।

जांच में यह साफ हुआ कि यह महज कोई आपसी रंजिश का मामला नहीं था, बल्कि इसके तार साइबर ठगी से जुड़े हुए थे। आरोपियों ने व्यापारी के ₹26 लाख रुपये हड़प लिए थे और इसी रकम को ठिकाने लगाने और राज छुपाने के लिए जितेंद्र पटेल की हत्या की पूरी साजिश रची गई थी।

मुठभेड़ में दबोचे गए दोनों शूटर, 3 साजिशकर्ता पहले ही गए जेल

पुलिस ने इस मामले में चौतरफा घेराबंदी करते हुए सभी आरोपियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया:

  • 28 जून की गिरफ्तारी: पुलिस ने सबसे पहले आर्यन स्कूल (अखरी) के पास से हत्या की साजिश में शामिल तीन शातिर आरोपियों को दबोचा। पकड़े गए अभियुक्तों में आयुष पटेल उर्फ भोला (निवासी बरबकपुर, अहरौरा, मिर्जापुर), मनीष सिंह (निवासी देवरिया नीबी, अदलहाट, मिर्जापुर) और अमन सेठ (निवासी अदलहाट बाजार, मिर्जापुर) शामिल हैं।

  • 29 जून को एनकाउंटर: इन तीनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने मुख्य शूटरों की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख शूटरों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की आत्मरक्षार्थ गोलीबारी में दोनों मुख्य शूटरों के पैर में गोली लगी और वे घायल हो गए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

बरामदगी: पुलिस ने अभियुक्तों के पास से हत्या में इस्तेमाल किए गए अवैध असलहे (शस्त्र) और भारी मात्रा में जिंदा व खोखा कारतूस बरामद किए हैं।

"चुनौतियों से निपटने में सक्षम है वाराणसी पुलिस" - पुलिस आयुक्त

टीम के इस साहसिक कार्य की सराहना करते हुए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि SOG और रोहनिया पुलिस ने बेहतरीन आपसी तालमेल और सूझबूझ का परिचय दिया है। इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री का खुलासा करके वाराणसी पुलिस ने एक बार फिर अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है कि काशी की धरती पर अपराध करने वालों का हश्र बहुत बुरा होगा।