Varanasi: श्रेया हत्याकांड का साजिशकर्ता पुनीत मिश्रा पुलिस एनकाउंटर में घायल, विवेक की तलाश तेज
बच्छांव के किराये के मकान में गला रेतकर की गई थी एमएससी छात्रा की हत्या; शादी से पहले उजड़ीं खुशियां, 315 बोर का असलहा बरामद
भदैनी मिरर (डिजिटल डेस्क), वाराणसी: जगतपुर पीजी कॉलेज की एमएससी की छात्रा श्रेया उपाध्याय उर्फ मोनू (22) की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। राजातालाब थाना क्षेत्र में हुई पुलिस मुठभेड़ के दौरान हत्या की साजिश में शामिल साजिशकर्ता पुनीत मिश्रा (निवासी मऊ) को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कार्रवाई के दौरान आरोपी पुनीत मिश्रा के पास से 315 बोर का तमंचा, कुछ जिंदा कारतूस और खोखे बरामद हुए हैं। वहीं, पुलिस टीम को चकमा देकर स्पलेंडर बाइक सवार उसका एक अन्य साथी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस टीम ताबड़तोड़ दबिश दे रही है।
लाखों रुपए के लालच में रची गई थी हत्या की साजिश
पुलिस की प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एमएससी छात्रा की हत्या को अंजाम देने के लिए आरोपी पुनीत मिश्रा ने अपने साथियों को लाखों रुपये देने का लालच दिया था। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश के साथ-साथ इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि पुनीत ने किन कारणों से और किसके इशारे पर इस हत्याकांड के लिए वित्तीय लालच दिया था।
18 अगस्त को कॉलेज के लिए निकली थी श्रेया, 3 दिन तक बाथरूम में पड़ा रहा शव
घटनाक्रम के अनुसार, श्रेया उपाध्याय 18 अगस्त को अपने घर से कॉलेज जाने के लिए निकली थी। साजिश के तहत मुख्य आरोपी विवेक चौबे ने उसे झांसे में लेकर अपने साथ मिलने के लिए बुलाया और रोहनिया क्षेत्र के बच्छांव स्थित एक किराये के मकान में ले गया।
मकान पर विवेक के दो साथी- पुनीत मिश्रा और उनका एक अन्य दोस्त पहले से मौजूद थे। वहां तीनों ने मिलकर श्रेया को दबोच लिया। दो आरोपियों ने उसके हाथ-पैर पकड़े और विवेक ने धारदार चाकू से श्रेया का गला रेत दिया। सिर पर गंभीर चोट पहुंचाकर हत्या करने के बाद शव को मकान के बाथरूम में छिपा दिया गया और बाहर से ताला लगाकर आरोपी फरार हो गए। तीन दिनों तक शव बंद कमरे के बाथरूम में पड़ा रहा।
हत्या के बाद ननिहाल भागा आरोपी विवेक
वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी विवेक चौबे सीधे अपने मामा के घर पहुंचा। वहां उसने अपनी बाइक और बैग छोड़ा और फरार हो गया। बाद में बैग की जांच करने पर उसमें से उसी किराये के कमरे की चाबी बरामद हुई जहां श्रेया का शव पड़ा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी श्रेया के गले पर धारदार हथियार के गहरे जख्म और सिर पर गंभीर चोट के निशानों की पुष्टि हुई है।
घटना की जानकारी मिलते ही डीसीपी गोमती जोन नीतू कादयान समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने फोरेंसिक टीम के साथ मौके का मुआयना कर साक्ष्य संकलित किए थे। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की 4 विशेष टीमें गठित की गई थीं।
नवंबर में होनी थी रिंग सेरेमनी, फरवरी में तय थी शादी
श्रेया अपने परिवार की इकलौती बेटी थी और उसकी हत्या से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने बताया कि श्रेया की शादी तय हो चुकी थी। आगामी 22 नवंबर को उसकी रिंग सेरेमनी और 26 फरवरी को विवाह संपन्न होना था। परिवार में शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं, लेकिन इस जघन्य वारदात ने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी की जा रही है और जल्द ही इस पूरे हत्याकांड का पूर्ण पर्दाफाश कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।