वाराणसी: 'फैशन टीवी' की फ्रेंचाइजी के नाम पर 53 लाख की ठगी, मुंबई बुलाकर किया एग्रीमेंट; इन रसूखदारों पर FIR दर्ज
इंस्टाग्राम विज्ञापन से शुरू हुआ ठगी का खेल, मुंबई बुलाकर विश्वास में लिया, फिर किया एग्रीमेंट
वाराणसी: धर्म की नगरी काशी में नामी ब्रांड की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं। ताजा मामला चितईपुर थाना क्षेत्र का है, जहां 'फैशन टीवी' (Fashion TV) के नाम पर लग्जरी लाउंज की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर एक उद्यमी से 53 लाख रुपये हड़प लिए गए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इंस्टाग्राम विज्ञापन से शुरू हुआ ठगी का खेल
विश्वकर्मा नगर कॉलोनी (चितईपुर) स्थित 'रघुकुल कृपा हॉस्पिटेलिटी' के डायरेक्टर अभिलाष नारायण सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर 'एफ लाउंज बाई फैशन टीवी' का एक विज्ञापन देखा था। लग्जरी स्टे और लाउंज के क्षेत्र में निवेश की इच्छा के चलते उन्होंने विज्ञापन पर दिए गए नंबर पर संपर्क किया।
मुंबई बुलाकर विश्वास में लिया, फिर किया एग्रीमेंट
संपर्क करने के बाद अभिलाष की बात कासिफ खान उर्फ कासिफ सरदार, हासिम खान, दुष्यंत सिंह सहित अन्य आरोपियों से हुई। आरोपियों ने उन्हें भरोसे में लेने के लिए मुंबई बुलाया। वहां वीडियो कॉल और व्यक्तिगत मुलाकातों के जरिए फ्रेंचाइजी की सुनहरे सपने दिखाए गए। विश्वास में आकर अभिलाष ने एग्रीमेंट साइन किया और विभिन्न मदों में नकद व ऑनलाइन माध्यम से कुल 52,99,500 रुपये का भुगतान कर दिया।
रुपये मिलते ही बदले सुर, करार किया रद्द
हैरानी की बात यह है कि भारी-भरकम रकम वसूलने के कुछ ही दिनों बाद आरोपियों ने पलटी मार ली। उन्होंने अभिलाष को सूचित किया कि "बेहतर सेवा न दे पाने" का हवाला देते हुए उनका करार (Agreement) खत्म किया जाता है। जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने साफ कह दिया कि सारा पैसा 'फैशन टीवी' के मद में जमा हो गया है और अब एक भी रुपया वापस नहीं मिलेगा।
इन आरोपियों पर गिरी गाज
अभिलाष नारायण सिंह की शिकायत पर चितईपुर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में शामिल हैं:
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कासिफ खान उर्फ कासिफ सरदार
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हासिम खान, दुष्यन्त सिंह, रूपमणि सिंह
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आसिफ अली उर्फ अब्बास दीवानी
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रोहित खन्ना, कार्तिक, डाली सोनी और हर्षत कोली।
भदैनी मिरर की अपील: किसी भी बड़े ब्रांड की फ्रेंचाइजी लेने से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और मुख्यालय से संपर्क कर सत्यता की जांच जरूर करें। सोशल मीडिया पर दिखने वाले विज्ञापनों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।