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Varanasi Medical Negligence Case: सिजेरियन के बाद महिला के पेट में छूटा टिशू; दोबारा हुआ ऑपरेशन

लालपुर-पांडेयपुर पुलिस ने पुलिस आयुक्त के आदेश पर दर्ज किया मुकदमा; सौभाग्य अस्पताल की महिला डॉक्टर पर लापरवाही का गंभीर आरोप

 

वाराणसी / भदैनी मिरर: वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत संकठा नगर स्थित सौभाग्य अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिला के पेट में 'फॉरेन बॉडी/टिशू' छूटने और गंभीर संक्रमण फैलने का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला की हालत बिगड़ने और दोबारा बड़ा ऑपरेशन होने के बाद, पुलिस आयुक्त के सख्त आदेश पर लालपुर-पांडेयपुर थाने में संबंधित महिला डॉक्टर के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

18 अगस्त को हुआ था सिजेरियन, 3 दिन बाद बिगड़ी तबीयत

मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला के पति ने पुलिस आयुक्त को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि 18 अगस्त 2026 को लालपुर स्थित सौभाग्य अस्पताल में डॉ. तरुणा सिंह ने उनकी पत्नी का सिजेरियन ऑपरेशन किया था। 20 अगस्त को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के महज तीन दिन बाद ही महिला के पेट में असहनीय दर्द और तबीयत बिगड़ने लगी।

पति जब महिला को दोबारा डॉक्टर के पास ले गया, तो प्राथमिक उपचार के बाद सुधार न होने पर चिकित्सक ने किसी बड़े फिजीशियन को दिखाने की टालमटोल वाली सलाह दी।

जांच में हुआ खुलासा: पेट में छूटा था टिशू, चढ़ाना पड़ा 5 यूनिट ब्लड

परिजनों ने महिला को कैंट स्थित साई वरदान अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ पेट में गंभीर संक्रमण फैलने की पुष्टि हुई। इसके बाद गंभीर स्थिति में मरीज को हेरिटेज अस्पताल ले जाया गया।

तहरीर के मुताबिक, हेरिटेज अस्पताल में सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे की जांच में डॉक्टरों ने खुलासा किया कि पिछले ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में फॉरेन बॉडी/टिशू छूट गया था, जिसके चलते तत्काल दोबारा ऑपरेशन करना पड़ा। दूसरे ऑपरेशन के दौरान मरीज को करीब 5 यूनिट ब्लड चढ़ाया गया।

मुकदमा दर्ज, जांच में जुटी पुलिस

पीड़ित पति का आरोप है कि दूसरे ऑपरेशन के बाद भी संक्रमण पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और महिला को अब भी नियमित ड्रेसिंग और पस (Pus) की सफाई करानी पड़ रही है। पीड़ित परिवार द्वारा चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए की गई शिकायत पर पुलिस आयुक्त के निर्देश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और पूरे मामले में मेडिकल साक्ष्यों व फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। (नोट: इस मामले में संबंधित डॉक्टर का पक्ष फिलहाल सामने नहीं आ सका है।)*