वाराणसी: कफ सिरप तस्करी के सरगना भोला और शुभम समेत 9 पर गैंगस्टर एक्ट, जब्त होगी संपत्तियां
पहली बार दर्ज हुआ गैंगस्टर का मुकदमा, अवैध धंधे से कमाई गई अरबों की काली कमाई और संपत्तियां होंगी कुर्क
वाराणसी (भदैनी मिरर): वाराणसी में कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी और अवैध भंडारण करने वाले गिरोह पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। रोहनिया थाने में शुक्रवार को शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला प्रसाद समेत कुल नौ आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह पहला मौका है जब कफ सिरप की तस्करी के किसी मामले में गैंगस्टर एक्ट जैसी कड़ी कार्रवाई की गई है।
भोला प्रसाद बना गैंग का मुख्य सरगना
रोहनिया इंस्पेक्टर राजू सिंह की तहरीर पर दर्ज इस मुकदमे में आदमपुर निवासी भोला प्रसाद को गैंग का मुख्य सरगना बनाया गया है। आरोप है कि भोला ने अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर नशीली कफ सिरप की तस्करी और भंडारण के जरिए अरबों रुपये की अवैध कमाई की है।
इन आरोपियों पर दर्ज हुआ मुकदमा:
पुलिस ने इस सिंडिकेट में निम्नलिखित नौ लोगों को नामजद किया है:
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भोला प्रसाद व शुभम जायसवाल (कायस्थ टोला, आदमपुर)
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आजाद जायसवाल (पिशाच मोचन)
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महेश कुमार सिंह (भदवर)
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दिनेश यादव (सप्तसागर मंडी)
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आशीष यादव (ईश्वरगंगी)
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स्वप्निल केशरी (चंदासी, चंदौली)
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शिवाकांत (कानपुर/गाजियाबाद)
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सौरभ त्यागी (इंदिरापुरम, गाजियाबाद)
2 करोड़ की बरामदगी से खुला था राज
इस बड़े सिंडिकेट का खुलासा पिछले साल 19 नवंबर को हुआ था, जब भदवर में महेश सिंह के मकान से पुलिस ने दो करोड़ रुपये मूल्य की कफ सिरप बरामद की थी। मौके से केयरटेकर आजाद की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में शुभम और भोला समेत पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ था। फिलहाल शुभम को छोड़कर अन्य सभी आरोपी जेल में हैं और पुलिस इनके खिलाफ चार्जशीट पहले ही दाखिल कर चुकी है।
14-ए के तहत संपत्तियों की होगी कुर्की
रोहनिया इंस्पेक्टर राजू सिंह ने बताया कि गैंगस्टर एक्ट दर्ज होने के बाद अब अगला कदम इन तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ना है। पुलिस जल्द ही गैंगस्टर एक्ट की धारा 14-ए के तहत इन सभी आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू करेगी।