वाराणसी में अंधविश्वास का खौफनाक अंत: 'काला जादू' के शक में वृद्ध की गोली मारकर हुई थी हत्या, चौक पुलिस और SOG ने 4 को दबोचा
"पिता और भाभी को तंत्र-मंत्र से मारा, इसलिए मैंने उसे मुवा दिया"; मुख्य आरोपी विशाल का सनसनीखेज कबूलनामा
वाराणसी (भदैनी मिरर)।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के चक्कर में एक बुजुर्ग की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। थाना चौक पुलिस, सर्विलांस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 6 घंटे में घटना का सफल अनावरण किया और 24 घंटे के भीतर हत्या में शामिल मुख्य आरोपी सहित 4 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। कातिलों के पास से वारदात में इस्तेमाल 32 बोर की अवैध देसी पिस्टल और दो महंगी मोटरसाइकिलें (अपाचे और पल्सर आरएस 200) बरामद की गई हैं।
6 घंटे में हुआ खुलासा, 24 घंटे में सलाखों के पीछे पहुंचे कातिल
एडिशनल डीसीपी (काशी जोन) गौरव बांगर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 15 जून 2026 की सुबह करीब 5:30 बजे कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली थी कि चौक थाना क्षेत्र के बेनियाबाग इलाके में एक वृद्ध राजन की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम और आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज खंगालने और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर चारों आरोपियों को दबोच लिया।
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी चौक और लोहता क्षेत्र के रहने वाले हैं। गिरफ्तार मुख्य आरोपी का नाम विशाल भारतीय उर्फ जानू (उम्र 20 वर्ष) - निवासी बेनियाबाग, थाना चौक, विकास विश्वकर्मा उर्फ सोनू (उम्र 24 वर्ष) - निवासी चुरामनपुर, थाना लोहता, सुजीत बाल्मिकी (उम्र 19 वर्ष) - निवासी मरेठवा पोखरा, थाना लोहता और कृष्णा बाल्मिकी (उम्र 18 वर्ष) - निवासी बेनियाबाग, थाना चौक के रूप में हुई है।
"उसने मेरे पिता और भाभी को तंत्र-मंत्र से मारा था"
गिरफ्तारी के बाद मुख्य आरोपी विशाल भारतीय ने पुलिस और मीडिया के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए बेहद चौंकाने वाला बयान दिया। विशाल ने कहा, "मृतक राजन हमारे घर पर काला जादू और तंत्र-मंत्र करता था। उसकी इस ऊपरी हवा (भूत-प्रेत) के चक्कर में पिछले कुछ सालों में मेरे घर के चार लोगों की मौत हो चुकी है। पहले उसने मेरी भाभी को मुवाया, फिर मेरे पिता को और घर की छोटी बच्ची को भी मार दिया। जब हमने अपने तरीके से प्रेत विद्या में छानबीन कराई तो राजन का नाम सबसे ऊपर आया। मुझे इस घटना का पछतावा तो है, लेकिन मेरे पिता को जिसने मारा था, उसे मैंने मुवा दिया।" मुख्य आरोपी ने यह भी बताया कि उसने हत्या के लिए अवैध असलहा मध्य प्रदेश (MP) से आने वाले किसी व्यक्ति से खरीदा था।
अंधविश्वास का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं: पुलिस
एडीसीपी गौरव बांगर ने स्पष्ट किया कि पुलिस की जांच पूरी तरह से साइंटिफिक एविडेंस (वैज्ञानिक साक्ष्यों) पर आधारित होती है। जांच के दौरान मृतक द्वारा जादू-टोना या काला जादू किए जाने का कोई भी ठोस सबूत या पहलू सामने नहीं आया है। आरोपी ने महज अपने मनगढ़ंत शक और अंधविश्वास के चलते इस पूरी हत्या की साजिश रची और अपने दोस्तों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दे डाला।
पुलिस टीम को 25,000 रुपये का नगद इनाम
चौक थाना प्रभारी दिलीप कुमार मिश्रा, चौकी प्रभारी पियरी संदीप कुमार सिंह, चौकी प्रभारी ब्रह्मनाल अभिषेक कुमार त्रिपाठी और एसओजी प्रभारी गौरव कुमार सिंह की टीम द्वारा मात्र 24 घंटे के भीतर इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने पर पुलिस उपायुक्त (डीसीपी काशी जोन) ने पूरी टीम के उत्साहवर्धन हेतु 25,000 रुपये नगद पुरस्कार की घोषणा की है।