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Varanasi: प्रसव के बाद प्रसूता की मौत, जुड़वां बच्चों को दिया था जन्म; संचालक और डॉक्टर पर FIR दर्ज

शव को सड़क पर रखकर परिजनों ने गाजीपुर रोड किया जाम, परिजनों को समझाने में जुटी पुलिस

 

रिपोर्ट - वीरेंद्र पटेल 

 

वाराणसी (भदैनी मिरर डिजिटल डेस्क)। वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रुस्तमपुर (चौधरी नगर) में स्थित कथित 'अभय क्लिनिक एंड मैटरनिटी होम' में इलाज में लापरवाही के कारण एक 22 वर्षीय प्रसूता की मौत का मामला सामने आया है। महिला ने एक दिन पूर्व ही सिजेरियन के जरिए जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और आक्रोशित परिजनों ने शव को गाजीपुर रोड पर रखकर धरना-प्रदर्शन शुरु कर दिया।

जुड़वां बच्चों को जन्म देने के बाद बिगड़ी हालत


नेवादा (थाना चौबेपुर) निवासी मिथिलेश कुमार ने अपनी 22 वर्षीया पत्नी कंचन कुमारी को डिलीवरी के लिए 2 अगस्त 2026 को रुस्तमपुर स्थित अभय क्लीनिक में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने सिजेरियन ऑपरेशन (ऑपरेशन से प्रसव) किया, जिससे कंचन ने दो स्वस्थ जुड़वां बच्चों को जन्म दिया।

हालांकि, प्रसव के कुछ ही समय बाद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही के कारण महिला की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप है कि स्थिति गंभीर होने पर लीपापोती करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने महिला को आनन-फानन में हाईटेक हॉस्पिटल भेजा, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को वापस अभय क्लीनिक पर लाकर रख दिया गया।


गाजीपुर रोड पर शव रखकर प्रदर्शन, लगा जाम


अस्पताल की लापरवाही से हुई मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने गाजीपुर रोड रुस्तमपुर पर डेड बॉडी रखकर धरना देना शुरू कर दिया। सड़क जाम होने से यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलते ही चौबेपुर थाने की पुलिस बल मौके पर पहुँची और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया तथा उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया।


 

 पति की तहरीर पर मुकदमा दर्ज

मृतका के पति मिथिलेश कुमार की लिखित तहरीर के आधार पर चौबेपुर थाना पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने अभय क्लीनिक के संचालक महेंद्र यादव, ऑपरेशन करने वाले अज्ञात डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ लापरवाही से मौत के मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 (1) के तहत गंभीर मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।

पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जाँच की जा रही है और गैर-कानूनी या बिना मानक के संचालित हो रहे क्लीनिक व दोषी पाए जाने वाले सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।