Varanasi Crime: अवलेशपुर के किराना कारोबारी जितेंद्र पटेल हत्याकांड के खुलासे के नजदीक रोहनिया पुलिस, 'अपनों' पर ही गहराया मर्डर का शक!
वारदात की कड़ियां जोड़ने में जुटी सर्विलांस टीम, शूटरों के साथ एक महिला की भूमिका भी आई सामने
वाराणसी, भदैनी मिरर: वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र अंतर्गत अवलेशपुर की सौरभ विहार कॉलोनी में बीते 8 जून की रात हुए किराना कारोबारी जितेंद्र पटेल हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से रोहनिया पुलिस अब इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे के बेहद करीब पहुंच चुकी है। पुलिस सूत्रों की मानें तो अब तक की तफ्तीश में किसी बाहरी का नहीं, बल्कि जितेंद्र के अपने ही करीबियों का हाथ होने का शक गहरा गया है।
जमीन के पैसे का बंटवारा बना मौत का कारण
जांच में यह बात सामने आई है कि इस पूरी खूनी वारदात के पीछे जमीन की बिक्री से मिले रुपयों के बंटवारे का पुराना विवाद था। दरअसल, कुछ समय पहले एक जमीन की डील हुई थी, जिसके बाद मिले पैसों का एक बहुत बड़ा हिस्सा जितेंद्र पटेल के पास ही था। इसी रकम के बंटवारे को लेकर जितेंद्र का अपने ही कुछ लोगों के साथ लंबे समय से गंभीर तनाव चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि इसी विवाद के चलते रोहनिया के ही स्थानीय शूटरों को मोटी रकम देकर इस वारदात को अंजाम दिलवाया गया।
शक के घेरे में महिला समेत कई करीबी
भदैनी मिरर को मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस की सर्विलांस सेल और खोजी टीमों ने सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर हत्या की कड़ियों को आपस में जोड़ लिया है। इस मामले में जिन संदिग्धों पर उंगली उठ रही है, पुलिस उनकी चौबीसों घंटे निगरानी कर रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस साजिश में एक पुरुष के साथ-साथ एक महिला की संदिग्ध भूमिका भी खुलकर सामने आ रही है।
पुख्ता सबूत जुटाने में लगी पुलिस टीमें
फिलहाल, रोहनिया पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें हवा में तीर चलाने के बजाय हर एक सबूत को कानूनी तौर पर पुख्ता करने में जुटी हुई हैं, ताकि कोर्ट में आरोपी बच न सकें। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और बहुत जल्द शूटरों समेत इस हत्याकांड की साजिश रचने वाले 'अपनों' के चेहरों से नकाब हटाकर उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।