Varanasi: रिटायरमेंट से 13 दिन पहले कैंट थाने का क्लर्क 20 हजार घूस लेते गिरफ्तार; एंटी करप्शन टीम ने दबोचा
गुंडा एक्ट रजिस्टर से नाम हटाने के बदले मांगी थी रकम; सेना से VRS लेकर पुलिस विभाग में आया था आरोपी अब्दुल रहमान
वाराणसी, भदैनी मिरर। वाराणसी में एंटी करप्शन टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कैंट थाने में तैनात उर्दू अनुवादक (क्लर्क) अब्दुल रहमान अंसारी को एंटी करप्शन टीम ने शुक्रवार शाम को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार शाम आरोपी क्लर्क ने शिकायतकर्ता को कैंट थाना क्षेत्र स्थित जेएचवी मॉल में रुपये लेकर बुलाया।
हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी क्लर्क महज 13 दिन बाद 31 जुलाई 2026 को अपने पद से सेवानिवृत्त होने वाला था, लेकिन रिटायरमेंट से ठीक पहले घूसखोरी के चक्कर में वह सलाखों के पीछे पहुंच गया है।
रिटायरमेंट से महज 13 दिन पहले हुई इस कार्रवाई ने पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बना दिया है।
गुंडा एक्ट से नाम हटाने के नाम पर सौदा
मिली जानकारी के अनुसार, वाराणसी के सदर बाजार निवासी सारिक शाह का नाम गुंडा एक्ट रजिस्टर में दर्ज था। इस रजिस्टर से नाम हटाने और पत्रावली को साफ करने के एवज में कैंट थाने के क्लर्क अब्दुल रहमान अंसारी ने सारिक से 20 हजार रुपये की मोटी रकम की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी एंटी करप्शन टीम को दी। शिकायत की गोपनीयता से जांच करने के बाद एंटी करप्शन विभाग ने आरोपी को दबोचने के लिए एक अचूक जाल बिछाया।
चाय की टेबल पर जैसे ही लिया लिफाफा, टीम ने दबोचा
योजना के मुताबिक, शुक्रवार शाम आरोपी क्लर्क अब्दुल रहमान ने शिकायतकर्ता सारिक शाह को कैंट थाना क्षेत्र में स्थित जेएचवी (JHV) मॉल में पैसे लेकर बुलाया। मॉल के भीतर दोनों एक रेस्टोरेंट में चाय की टेबल पर बैठे। जैसे ही शिकायतकर्ता ने रुपयों से भरा लिफाफा क्लर्क के हाथ में सौंपा और क्लर्क रकम लेकर वहां से निकलने की फिराक में था, वैसे ही सादे कपड़ों में पहले से मुस्तैद एंटी करप्शन टीम ने उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया।
अचानक एंटी करप्शन टीम को सामने देखकर आरोपी ने भागने की नाकाम कोशिश भी की, लेकिन टीम के सतर्क सदस्यों ने उसे मौके पर ही दबोच लिया और उसके पास से रिश्वत की रकम बरामद कर ली।
लालपुर पांडेयपुर थाने में मुकदमा हो रहा दर्ज
रंगे हाथ गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन की टीम आरोपी क्लर्क को लेकर सीधे लालपुर पांडेयपुर थाने पहुंची। वहां आरोपी अब्दुल रहमान अंसारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Anti-Corruption Act) के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
सेना से वीआरएस लेकर पुलिस में हुआ था शामिल, 13 दिन बाद था रिटायरमेंट
मूल रूप से जौनपुर जिले का निवासी अब्दुल रहमान अंसारी करीब 20 साल पहले भारतीय सेना से ऐच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में शामिल हुआ था। बताया गया कि वह करीब 20 वर्ष पहले सेना से ऐच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेकर पुलिस विभाग में शामिल हुआ था। साल 2006 से वह वाराणसी के कैंट थाने में उर्दू अनुवादक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहा था।
आरोपी क्लर्क आगामी 31 जुलाई 2026 को रिटायर होने वाला था। रिटायरमेंट से ठीक पहले इन दिनों वह लंबित रिपोर्टों और फाइलों को निपटाने में व्यस्त था, लेकिन इस बीच इस बड़ी कार्रवाई ने पुलिस महकमे के भीतर हड़कंप मचा दिया है। रिटायरमेंट से महज 13 दिन पहले हुई इस कार्रवाई ने पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बना दिया है।