Varanasi: 9 साल की बच्ची से दुष्कर्म मामले में सिर्फ 9 दिनों में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल
पॉक्सो और मारपीट के मामले में मुख्य आरोपी समेत 4 गिरफ्तार, जल्द सजा दिलाने की तैयारी
वाराणसी। वाराणसी की जैतपुरा थाना पुलिस ने महिला व बाल अपराधों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक मिसाल पेश की है। 9 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसके परिवार पर हमला करने के संवेदनशील मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 9 दिनों के भीतर अदालत में आरोप पत्र (Charge Sheet) दाखिल कर दिया है। मुख्य आरोपी समेत कुल चार आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
क्या है पूरा मामला?
जैतपुरा थाना क्षेत्र में बीते 6 जुलाई की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी। इलाके के रहने वाले समीर अहमद नाम के युवक ने पड़ोस में रहने वाली 9 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। जब बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी, तो परिजनों ने कड़ाई से पूछा, जिसके बाद मासूम ने अपनी आपबीती सुनाई।
विरोध करने पर पीड़ित परिवार को पीटा
घटना की जानकारी होने पर जब पीड़ित बच्ची के परिजन आरोपी के घर शिकायत लेकर पहुंचे, तो न्याय मिलने के बजाय उन्हें प्रताड़ित किया गया। आरोप है कि मुख्य आरोपी समीर अहमद, उसके भाइयों रफीक उर्फ कल्लू, सलीम और उसकी मां ने पीड़ित परिवार के साथ गाली-गलौज करते हुए हिंसक विवाद शुरू कर दिया। दबंगों ने बच्ची के परिजनों के साथ जमकर मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस ने दर्ज की गंभीर धाराएं, 9 दिन में चार्जशीट तैयार
थानाध्यक्ष उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि घटना वाले दिन ही (6 जुलाई) पीड़ित परिवार की तहरीर पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया। इसके अगले ही दिन मुख्य आरोपी समीर अहमद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। बाद में घटना में शामिल उसके भाइयों और मां को भी पुलिस ने दबोच लिया।
इस पूरे मामले की विवेचना वरिष्ठ उप निरीक्षक गजराज भारती द्वारा की जा रही थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ:
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दुष्कर्म (Rape)
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पॉक्सो एक्ट (POCSO Act)
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मारपीट और जान से मारने की धमकी (Assault & Threat) जैसी गंभीर कड़े कानून के तहत चार्जशीट तैयार की।
गहनता से साक्ष्य जुटाने के बाद, पुलिस टीम ने गुरुवार को सभी चारों आरोपियों के खिलाफ सक्षम न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में कोर्ट में प्रभावी पैरवी की जाएगी ताकि पीड़ित मासूम और उसके परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।