Varanasi: आंध्र प्रदेश का ‘नटवरलाल’ वाराणसी में गिरफ्तार, OLX पर 73 लोगों से की 1.25 करोड़ की ठगी
गेमिंग ऐप से ठिकाने लगाता था पैसे, सिगरा के होटल प्लाजा इन से दबोचा गया शातिर अपराधी
वाराणसी (भदैनी मिरर): वाराणसी पुलिस की साइबर सेल और 'प्रतिबिम्ब' टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने आंध्र प्रदेश के एक ऐसे शातिर साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जिसने देश भर में 'नटवरलाल' की तरह ठगी का जाल बिछा रखा था। आरोपी OLX जैसे प्लेटफॉर्म पर सस्ते सामान का लालच देकर लोगों को चूना लगाता था। पुलिस जांच में अब तक 1.25 करोड़ रुपये के फ्रॉड और 73 शिकायतों का खुलासा हुआ है।
कैसे देता था ठगी को अंजाम?
गिरफ्तार अभियुक्त जलादी नागराजू (निवासी गुंटूर, आंध्र प्रदेश) पिछले 11 सालों से (वर्ष 2015 से) ऑनलाइन धोखाधड़ी कर रहा था। उसके काम करने का तरीका बेहद शातिर था:
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फर्जी विज्ञापन: वह OLX पर एसी और अन्य महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामानों के विज्ञापन बेहद कम कीमत पर पोस्ट करता था।
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QR कोड का खेल: एडवांस पेमेंट लेने के लिए वह अपने बैंक खाते के बजाय गेमिंग और बेटिंग (सट्टा) ऐप्स के QR कोड का इस्तेमाल करता था, ताकि पुलिस उस तक न पहुंच सके।
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पहचान छुपाना: वह लगातार मोबाइल, सिम और IMEI नंबर बदलता रहता था। पैसे मिलते ही वह अपना नंबर बंद कर गायब हो जाता था।
होटल में छिपकर बदल रहा था ठिकाने
साइबर सेल के सहायक पुलिस आयुक्त विदुष सक्सेना के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी सुरागों का पीछा करते हुए 15 मई 2026 को सिगरा थाना क्षेत्र स्थित 'होटल प्लाजा इन' में छापेमारी की। पुलिस ने नागराजू को वहीं से गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि वह किसी एक शहर में टिकने के बजाय अलग-अलग राज्यों के होटलों में रुककर अपना नेटवर्क चलाता था।
डिजिटल अरेस्ट का भी शक: पुलिस को आरोपी के पास से बरामद मोबाइल के IMEI से कुछ ऐसी शिकायतें भी मिली हैं जो 'डिजिटल अरेस्ट' से जुड़ी हो सकती हैं। पुलिस उपायुक्त (अपराध) नीतू कादयान ने विवेचक को इस बिंदु पर भी गहनता से जांच के निर्देश दिए हैं।
बरामदगी का विवरण
पुलिस ने आरोपी के पास से साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले निम्नलिखित सामान बरामद किए हैं:
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03 एंड्रॉइड और 01 कीपैड मोबाइल फोन
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06 सिम कार्ड और 02 एटीएम कार्ड
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यस बैंक की चेकबुक और 01 क्यूआर कोड कार्ड
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5650 रुपये नकद