Varanasi : एमएससी छात्रा की हत्या के बाद विवेक चौबे की तलाश तेज, पुलिस की 4 टीमें दे रही दबिश, इस एंगल पर चल रही जांच
प्रेम-प्रसंग, 7 बीघा जमीन के लालच और शादी तय होने के एंगल पर जांच; हिरासत में लिए गए मकान मालिक और आरोपी के पिता
भदैनी मिरर न्यूज़ (वाराणसी): जगतपुर पीजी कॉलेज में एमएससी की छात्रा श्रेया उर्फ मोनू (22) की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी विवेक चौबे की तलाश तेज कर दी है। घटना के बाद डीसीपी क्राइम नीतू कादयान ने राजातालाब पुलिस के साथ-साथ पुलिस की चार विशेष टीमों का गठन कर विभिन्न ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है।
परिजन का आरोप है कि दूर के रिश्तेदार और चोलापुर (नियारडीह) निवासी विवेक चौबे ने श्रेया का अपहरण कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी अपने ननिहाल भुवालपुर (मिर्जापुर) भाग गया और वहां अपनी बाइक व बैग छोड़कर फरार हो गया।
20 अगस्त को किराये के मकान के बाथरूम में मिला था शव
श्रेया 18 अगस्त से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता थी, जिसकी गुमशुदगी राजातालाब थाने में दर्ज कराई गई थी। 20 अगस्त को बच्छांव पश्चिमपुरा स्थित एक किराये के कमरे के बाथरूम में उसकी खून से लथपथ लाश बरामद हुई। मृतका के गले पर धारदार हथियार से वार और सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। पुलिस ने मौके से मृतका की चप्पल और रस्सी बरामद की है।
परिजन के अनुसार श्रेया घर की इकलौती संतान थी। उसकी शादी मिर्जापुर में तय हो चुकी थी, जिसकी 22 नवंबर को रिंग सेरेमनी और 26 फरवरी को शादी होनी थी। शादी तय होने से नाराज होकर आरोपी ने इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, परिजनों का आरोप
मृतका के चचेरे भाई अंशुमान और पिता सुनील उपाध्याय ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजन का दावा है कि 18 अगस्त की रात ही मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस बच्छांव स्थित उसी मकान तक पहुँच गई थी, जहाँ छात्रा का मोबाइल एक्टिव बता रहा था। लेकिन पुलिस ने उस समय कमरे का दरवाजा नहीं खुलवाया और वापस लौट गई। यदि पुलिस उसी रात सख्ती से कमरे की तलाशी लेती, तो शायद छात्रा की जान बचाई जा सकती थी।
7 बीघा प्रॉपर्टी का लालच और प्रताड़ना का एंगल
परिजन ने प्रेम प्रसंग की बात से साफ इनकार करते हुए बताया कि विवेक चौबे जबरन श्रेया से बातचीत करने का दबाव बनाता था। वह वीडियो कॉल पर पिता की हत्या करने की धमकी देता था। श्रेया अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी और परिवार के पास करीब सात बीघा जमीन है। आरोप है कि आरोपी प्रॉपर्टी के लालच में जबरन शादी करना चाहता था।
ननिहाल में छोड़े बैग की चाबी से खुला कमरे का ताला
19 अगस्त को परिजन खुद बच्छांव पहुँचे और मकान मालिक विवेक द्विवेदी से पूछताछ की। पता चला कि विवेक चौबे वहां दो महीने से किराये पर रह रहा था। इसके बाद परिजन आरोपी के ननिहाल सीखड़ (मिर्जापुर) पहुँचे। वहां पता चला कि आरोपी 18 अगस्त की शाम बैग और बाइक छोड़कर भाग गया था। उस बैग से कमरे की चाबी मिली, जिससे 20 अगस्त की सुबह कमरा खोला गया तो अंदर श्रेया का शव पड़ा मिला।
मकान मालिक और आरोपी के पिता पुलिस हिरासत में
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मकान मालिक विवेक द्विवेदी और आरोपी के पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस मोबाइल की कॉल डिटेल, चैट, फोटो और वीडियो जैसे डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कर रही है। क्राइम ब्रांच की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।