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वाराणसी: सिंधोरा में बारात से लौट रहे युवक की पत्थर से कूचकर निर्मम हत्या, परिजनों ने शव सड़क पर रख लगाया जाम

सनसनीखेज वारदात: बसंतपुर में घात लगाकर हमला, सिर और चेहरा पत्थर से कुचला।

 

वाराणसी। जिले के सिंधोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बसंतपुर (चकदुल्ला) गांव में मंगलवार की देर रात खौफनाक वारदात सामने आई है। यहाँ बारात से वापस लौट रहे एक 25 वर्षीय युवक की लाठी-डंडों और पत्थरों से कूचकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है और परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी व मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर धरना शुरू कर दिया है।

बारात में हुआ था विवाद, रास्ते में बिछाया मौत का जाल

मृतक की पहचान रोहित राजभर के रूप में हुई है। रोहित मूल रूप से चंदवक का निवासी था, लेकिन फिलहाल सारनाथ के रुस्तमपुर स्थित अपने ननिहाल में रह रहा था। परिजनों के मुताबिक, रोहित 5 मई को एक बारात में शामिल होने गया था, जहां किसी बात को लेकर कुछ लोगों से उसकी कहासुनी हो गई थी। देर रात जब वह घर लौट रहा था, तभी बसंतपुर के पास घात लगाए हमलावरों ने उसे रोक लिया।

पत्थर से चेहरा कुचला, बाइक भी तोड़ी

हमलावरों ने रोहित पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला किया। हैवानियत की हदें पार करते हुए हत्यारों ने पत्थर से उसका चेहरा बुरी तरह कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी सांसें थम गईं। हत्या के बाद आरोपियों ने उसकी बाइक को भी क्षतिग्रस्त कर दिया और शव को सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए। बुधवार सुबह ग्रामीणों ने लहूलुहान शव देखा तो पुलिस को सूचना दी।

सोशल मीडिया पर मिली थी धमकियां

मृतक के भाई किशन राजभर ने पुलिस को दी तहरीर में हत्या को एक सुनियोजित साजिश बताया है। किशन का आरोप है कि रोहित को पिछले कुछ दिनों से व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के जरिए जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। परिजनों का कहना है कि बारात का विवाद महज एक बहाना था, हत्या की पटकथा पहले ही लिखी जा चुकी थी।

मुआवजे और नौकरी की मांग पर अड़े ग्रामीण

वारदात से गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। परिजनों ने प्रशासन के सामने 2 करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया।

पुलिस की कार्रवाई और एडीसीपी का बयान

तनाव की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल के साथ अधिकारी मौके पर पहुंचे। एडीसीपी गोमती जोन नृपेंद्र ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। उन्होंने कहा, "परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। शुरुआती जाम को समझा-बुझाकर समाप्त करा दिया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।"

फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और रोहित के सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच की जा रही है ताकि धमकी देने वालों की पहचान की जा सके।