वाराणसी: 4 थानों में 6 जालसाज गिरफ्तार; ₹2.42 करोड़ का फ्रॉड उजागर
'Operation Mule Strike' से हड़कंप, चोलापुर का मुख्य सरगना भी पुलिस की गिरफ्त में
भदैनी मिरर। वाराणसी कमिश्नरेट में साइबर अपराधियों और उनके मददगारों के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ा और निर्णायक अभियान शुरू किया है। पुलिस कमिश्नर (CP) मोहित अग्रवाल और संयुक्त पुलिस आयुक्त (JCP) अपराध आलोक प्रियदर्शी के कड़े निर्देशन के बाद 6 खाताधारकों को अरेस्ट किया है।
पुलिस उपायुक्त (DCP) अपराध नीतू कादयान ने बताया कि साइबर सेल और 4 थानों (सिगरा, भेलूपुर, चेतगंज व चोलापुर) की संयुक्त टीम ने 6 म्यूल खाताधारकों (Mule Account Holders) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके खिलाफ 4 अलग-अलग थानों में केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कामयाबी के लिए पुलिस टीम को ₹25,000 के नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है।
ढाई करोड़ का फ्रॉड और देशव्यापी नेटवर्क का भंडाफोड़
डीसीपी साइबर क्राइम नीतू कादयान ने इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि गृह मंत्रालय के 14C और एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल से संदिग्ध खातों की एक सूची मिली थी। जब साइबर सेल की टीम ने इस पर काम किया, तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। इन खातों के जरिए अब तक कुल ₹2,42,89,752 (करीब ढाई करोड़ रुपये) की साइबर ठगी को अंजाम दिया जा चुका है। इन 5 खातों के खिलाफ देश भर के अलग-अलग राज्यों से NCRP पोर्टल पर कुल 51 शिकायतें दर्ज हैं। इन खातों में ठगी का पैसा भेजने वाले पीड़ित मुख्य रूप से तेलंगाना, वेस्ट बंगाल, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भेलूपुर वाले खाते से ₹2,03,30,000 (दो करोड़ तीन लाख रुपये) होल्ड/लीन करा दिए हैं, जिससे पीड़ितों का पैसा सुरक्षित हो गया है।
चोलापुर का मुख्य सरगना गिरफ्तार, कमीशन के लालच में फंसते थे ग्रामीण
डीसीपी नीतू कादयान ने बताया कि पकड़े गए आरोपी बहुत ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के रहने वाले हैं। इस पूरे नेक्सस का मुख्य सरगना चोलापुर का रहने वाला है, जो सीधे भोले-भले ग्रामीणों को पैसे और कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। बाकी के 5 आरोपी वे लोग हैं जिन्होंने चंद रुपयों के कमीशन के चक्कर में अपनी पासबुक, एटीएम और बैंकिंग क्रेडेंशियल्स अपराधियों को सौंप दिए थे। पुलिस अब इसके सेकंड और थर्ड लेयर के गैंग मेंबर्स की तलाश में जुटी है, साथ ही 32 अन्य संदिग्ध खातों की जांच भी की जा रही है।
थानेवार गिरफ्तार अभियुक्तों और फ्रॉड का विवरण
भेलूपुर थाने का रहने वाला मो. उनैश (बजरडीहा, वाराणसी) में खाते से ₹2,19,27,152 का फ्रॉड हुआ, जिसमें ₹2,03,30,000 होल्ड हुआ है। वही, सिगरा थाने में अजीत कुमार पटेल (रोहनिया, वाराणसी) के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। इस खाते से ₹22,00,000 रुपए के फ्रॉड की शिकायत दर्ज हुई थी, जिसके बाद ₹6,00,000 रुपए होल्ड हुए है। चेतगंज थाने में आरिफ जमाल (नक्की घाट, जैतपुरा) के खिलाफ केस दर्ज हुआ है, इसके खाते से ₹1,08,299 के फ्रॉड की शिकायत दर्ज हुई है। इसी तरह चोलापुर में आशीष कुमार गौड़,
सत्यम यादव, और सरगना शुभम सिंह के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।
क्या होता है म्यूल अकाउंट' (Mule Account) और कैसे बचें?
म्यूल अकाउंट (Mule Account) वह बैंक खाता होता है जिसका इस्तेमाल साइबर अपराधी ऑनलाइन ठगी, निवेश धोखाधड़ी या डिजिटल अरेस्ट के जरिए लूटी गई रकम को छिपाने या ट्रांसफर करने के लिए करते हैं। जालसाज एक खाते से दूसरे खाते में पैसा घुमाते हैं ताकि पुलिस उन तक न पहुंच सके।
कमिश्नरेट पुलिस की जनता से अपील:
डीसीपी नीतू कादयान ने 'भदैनी मिरर' के माध्यम से आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रलोभन, पार्ट-टाइम जॉब या कमीशन के झांसे में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक या ओटीपी (OTP) किसी अनजान व्यक्ति को न दें। यदि आपके खाते में अचानक मोटी रकम आती है, तो तुरंत अपने बैंक या नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें। उस पैसे का इस्तेमाल करने पर आपकी भी संलिप्तता मानी जाएगी और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
कार्रवाई करने वाली जांबाज पुलिस टीम:
* साइबर सेल टीम: निरीक्षक मनोज कुमार तिवारी, उ.नि. अजय कुमार पाण्डेय, उ.नि. हरिकेष यादव, उ.नि. कृष्ण कुमार जायसवाल, उ.नि. दयाशंकर यादव, का. विराट सिंह, का. आदर्श आनंद सिंह, का. अंकित कुमार गुप्ता, का. रविश राय, का. शिव बाबू, का. सुनील जायसवाल।
* थाना स्तर की टीम: सिगरा से उ.नि. भरत भट्ट व म.उ.नि. काजोल सिंह; भेलूपुर से उ.नि. संदीप सिंह व का. विवेकानंद शर्मा; चेतगंज से उ.नि. अभिषेक कुमार सिंह व का. अनिल कुमार; चोलापुर से उ.नि. राहुल कुमार यादव व का. विकास कुमार।