वाराणसी: बुलंदशहर और मथुरा से दूल्हा मामा समेत 5 अरेस्ट,17 साल की किशोरी का 1 लाख में हुआ था सौदा
जबरन कराई गई थी शादी, अज्ञात नंबर से पीड़िता ने परिजनों से किया था सम्पर्क, थानेदार किये गये लाइन हाजिर
वाराणसी: धर्मनगरी काशी के चौबेपुर थाना क्षेत्र से मानव तस्करी और जबरन विवाह का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। चौबेपुर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया है, जिसे पैसों के लालच में अगवा कर बुलंदशहर के एक युवक को एक लाख रुपये में बेच दिया गया था। पुलिस ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें जबरन शादी करने वाला दूल्हा और उसका मामा भी शामिल हैं।
बता दें, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने युवती से सम्बंधित इस गंभीर मामले में रूचि न लेने और शिथिलता बरतने पर शुक्रवार शाम मासिक अपराध गोष्ठी में चौबेपुर थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेन्द्र कुमार सोनकर को लाइन हाजिर कर दिया था।
1 लाख रुपये में सौदा कर रचाई जबरन शादी
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बीते 5 जुलाई 2026 को पीड़िता के चाचा (वादी मुकदमा) ने चौबेपुर थाने में तहरीर दी थी। आरोप था कि कुछ स्थानीय लोगों ने उनकी 17 वर्षीय भतीजी का अपहरण कर लिया और 1 लाख रुपये के लेन-देन में उसे किसी अज्ञात व्यक्ति को बेचकर जबरन शादी करा दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 0363/2026 के तहत बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
बुलंदशहर से बरामद हुई किशोरी, घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी
पुलिस कमिश्नर वाराणसी के निर्देश और वरुणा जोन के अधिकारियों के पर्यवेक्षण में गठित टीम को सूचना मिली कि किशोरी को शादी के बाद बुलंदशहर में रखा गया है। पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पीड़िता को सकुशल रिकवर किया। इसके बाद शनिवार, 11 जुलाई 2026 को चौबेपुर थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव से घेराबंदी कर इस नेटवर्क से जुड़े सभी 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण और नेटवर्क
स्थानीय प्लानर (चौबेपुर के रहने वाले):
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शिवधनी (उम्र 34 वर्ष) - निवासी गोपालपुर कमौली, चौबेपुर।
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राहुल भारद्वाज (उम्र 31 वर्ष) - निवासी लखराव कमौली, चौबेपुर।
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मैना देवी (उम्र 42 वर्ष) - निवासी गोपालपुर कमौली, चौबेपुर। (इन तीनों स्थानीय लोगों ने मिलकर पूरी साजिश रची और लड़की को बेचा।)
खरीदार और शादी करने वाले (बाहरी जिलों के):
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मोहित (उम्र 20 वर्ष) - निवासी धराऊ, खुर्जा, जनपद बुलंदशहर (जिसने किशोरी को खरीदा और जबरन शादी की)।
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नेम सिंह (उम्र 34 वर्ष) - निवासी बदनपुर खंड मरकटी, सुरीर, जनपद मथुरा (मोहित का मामा, जिसने पैसे देने और शादी कराने में मदद की)।
पूछताछ में बड़ा खुलासा: पहले भी करा चुके हैं कई शादियां
मानव तस्करी (Human Trafficking) की धाराएं बढ़ाने की तैयारी
पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि बुलंदशहर के रहने वाले मोहित और उसके मथुरा निवासी मामा नेम सिंह ने ही लड़की को खरीदने के लिए स्थानीय आरोपियों को 1 लाख रुपये का भुगतान किया था। पुलिस अधिकारी के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे पहले भी कई जान-पहचान और अंजान लोगों की शादियां इस तरह पैसों का लेन-देन कर करा चुके हैं। पुलिस अब इस पूरे रैकेट की गहराई से तफ्तीश कर रही है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कोर्ट के समक्ष पीड़िता का धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराया जा रहा है और मेडिकल प्रक्रिया चल रही है। बयान के आधार पर मुकदमे में मानव तस्करी (Human Trafficking) से जुड़ी गंभीर धाराएं भी बढ़ाई जाएंगी।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम:
इस संवेदनशील मामले का सफल अनावरण करने वाली टीम में विवेचक/उप-निरीक्षक महेश मिश्रा, उप-निरीक्षक अपराजित सिंह चौहान, हेड कांस्टेबल रमाकान्त यादव, हेड कांस्टेबल अभिषेक सिंह, कांस्टेबल सिंधु और महिला कांस्टेबल अनिता शामिल रहीं। पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेजने की अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।