वाराणसी: 5 सितारा होटल में ₹1.71 करोड़ का गबन, जीएम समेत 4 अधिकारियों पर कैंट थाने में मुकदमा दर्ज
वाराणसी के कैंट स्थित होटल मदीन में धोखाधड़ी का मामला, जीएम, फाइनेंस मैनेजर, कैशियर और एचआर पर आरोप
वाराणसी (भदैनी मिरर)। छावनी (कैंट) स्थित नामचीन 5-स्टार होटल 'मदीन' में ₹1.71 करोड़ से अधिक की बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी और गबन का मामला सामने आया है। होटल प्रबंधन की शिकायत पर कैंट थाने में महाप्रबंधक (GM) समेत चार वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। घटना के बाद से ही चारों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, जिन्हें प्रबंधन ने सेवामुक्त कर दिया है।
इन चार अधिकारियों पर दर्ज हुआ केस
होटल प्रबंधन द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने जिन चार लोगों को नामजद किया है, उनमें शामिल हैं:
संदीप पटियाल: महाप्रबंधक (GM) मूल निवासी: उना, हिमाचल प्रदेश, अनुपम सिंह वित्त प्रबंधक (Finance Manager) निवासी: एसआईसी कॉलोनी, छित्तूपुर, वाराणसी, कौशल किशोर सिंह कैशियर निवासी: फरीदपुर, रोहनिया, वाराणसी, प्रदीप कुमार तिवारी: एचआर प्रमुख (HR) निवासी: विंध्यवासिनी नगर, वाराणसी
सीए (CA) ऑडिट में खुली घपलेबाजी की पोल
होटल निदेशक के सलाहकार तरुण कुमार दीक्षित (निवासी: रसूलगढ़, सारनाथ) द्वारा दी गई तहरीर के मुताबिक, काफी समय से होटल के दैनिक कैश और बैंक में जमा रकम के मिलान में भारी अंतर आ रहा था।
संदेह होने पर जब चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से कैश और रिकॉर्ड की जांच कराई गई, तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। 31 मार्च 2026 तक की जांच के रिकॉर्ड के अनुसार कैश में ₹2,06,72,991 होने चाहिए थे, लेकिन मौके पर केवल ₹55 लाख मिले। इस अवधि में ₹1,51,72,991 की चपत लगाई गई। 1 अप्रैल से 8 सितंबर 2026 तक की जांच रिकॉर्ड में दर्ज ₹25,85,000 के सापेक्ष मात्र ₹5,91,979 मिले। यहाँ ₹19,93,021 कम पाए गए। इस तरह कुल गबन दोनों अवधियों को मिलाकर कुल ₹1,71,65,962 (1 करोड़ 71 लाख 65 हजार 962 रुपये) के गबन की पुष्टि हुई।
सॉफ्टवेयर में खराबी का बहाना और धमकी
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने सॉफ्टवेयर में तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर हिसाब में गड़बड़ी छिपाने की कोशिश की। हालांकि, जून महीने में जब संबंधित सॉफ्टवेयर कंपनी के प्रतिनिधि ने आकर जांच की, तो सॉफ्टवेयर पूरी तरह ठीक पाया गया और आरोपियों का झूठ पकड़ा गया।
प्रबंधन का आरोप है कि कड़ाई से पूछताछ करने पर फाइनेंस मैनेजर अनुपम सिंह और कैशियर कौशल किशोर सिंह ने धमकी भी दी। इसके कुछ ही दिनों बाद दोनों चुपके से फरार हो गए और ई-मेल के जरिए अपना इस्तीफा भेज दिया। कैंट थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरु कर दी है।