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UP Crime: मेरठ में प्रेम संबंध का राज खुलने के डर से बैंक मैनेजर ने मासूम को उतारा मौत के घाट, पगड़ी से मुंह दबाकर रेता गला

6 साल के अंगदवीर हत्याकांड का खौफनाक खुलासा: घड़ी दिलाने के बहाने वैगनआर कार से किया था अगवा, 8 घंटे तक पुलिस को गुमराह करने के बाद झाड़ियों से बरामद हुआ शव।

 

क्राइम डेस्क, भदैनी मिरर: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक ऐसी सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक निजी बैंक (HDFC) के एरिया मैनेजर ने अपनी प्रेमिका के साथ प्रेम संबंध का राज खुलने के डर से उसके महज़ 6 साल के मासूम बेटे अंगदवीर की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस की कड़ाई से हुई पूछताछ में आरोपी ने हत्या की जो खौफनाक कहानी बयां की, उसे सुनकर पुलिसकर्मियों के भी रोंगटे खड़े हो गए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर मासूम का शव बरामद कर लिया है।

रविवार को बच्चे ने देख लिया था दोनों को साथ

पुलिस जांच में सामने आया कि हापुड़ में बैंक मैनेजर के पद पर तैनात आरोपी अर्पित पाराशर (निवासी मीरापुर) का गुरप्रीत कौर नामक महिला से प्रेम संबंध चल रहा था। बीते रविवार को अर्पित अपनी प्रेमिका गुरप्रीत से मिलने उसके घर गया हुआ था। इसी बीच गुरप्रीत के 6 वर्षीय बेटे अंगदवीर ने दोनों को एक साथ देख लिया। आरोपी अर्पित को डर सताने लगा कि मासूम बच्चा यह बात अपने पिता या अपनी दादी को बता देगा और उसका राज खुल जाएगा। इसी राज को दफन करने के लिए उसने बच्चे को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली।

घड़ी दिलाने का झांसा देकर किया अगवा

बीते मंगलवार को अर्पित वैगनआर कार लेकर बहसूमा थाना क्षेत्र के रामराज स्थित गुरप्रीत के घर के बाहर पहुंचा। उसने अंगदवीर को नई घड़ी दिलाने का लालच दिया और कार में बैठाकर अगवा कर लिया। जब बच्चा काफी देर तक घर नहीं लौटा, तो सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें अर्पित बच्चे को कार में ले जाता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद बच्चे की दादी बलजिंदर कौर ने बहसूमा थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार देर रात आरोपी को मीरापुर के भूमा रोड से हिरासत में ले लिया।

पगड़ी से मुंह दबाया, नस काटी और रेत दिया गला

गिरफ्तारी के बाद आरोपी करीब 8 घंटे तक पुलिस को गुमराह करता रहा और मनगढ़ंत कहानियां सुनाता रहा कि उसने बच्चे को नहर में फेंक दिया है। पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें सुबह से नहर में खाक छानती रहीं, लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो आरोपी टूट गया और उसने सच उगल दिया।

वारदात का खौफनाक तरीका आरोपी अर्पित ने कुबूल किया कि वह बच्चे को अगवा कर करीब 24 किलोमीटर दूर हस्तिनापुर के भद्रकाली मंदिर के पास के जंगलों में ले गया था। वहां बच्चे की चीख दबाने के लिए उसने अंगदवीर की पगड़ी से ही उसका मुंह बंद कर दिया। इसके बाद चाकू से उसके हाथ की नस काटी और फिर बेरहमी से गला रेतकर उसे मौत के घाट उतार दिया और शव को झाड़ियों में फेंक दिया। बुधवार शाम पुलिस ने मौके पर जाकर शव को बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

पारिवारिक विवाद और तनाव का एंगल

अंगदवीर के परिजनों ने बताया कि बच्चे के पिता गुरुसेवक पिछले 6 साल से सऊदी अरब में ट्रक चलाते हैं और कुछ महीने पहले ही घर लौटे थे। वहीं, मां गुरप्रीत कौर कुछ समय पहले सिंगापुर गई थी और वहां से लौटने के बाद से ही वह पति से तलाक (फैसले) के लिए दबाव बना रही थी। परिजनों के मुताबिक, गुरप्रीत का अपने बेटे से लगाव बेहद कम था और उसका पालन-पोषण उसकी बुआ नवनीत कौर ने ही किया था।

फिलहाल पुलिस ने मुख्य आरोपी अर्पित पाराशर को जेल भेज दिया है और इस पूरी खौफनाक साजिश में प्रेमिका गुरप्रीत कौर की संलिप्तता की गहनता से जांच कर रही है।