वाराणसी में शिक्षक से ₹35 लाख की ठगी! बीमा की रकम दिलाने के नाम पर जालसाजों ने ऐसे लगाया चूना
आईजीएमएस (IGMS) पर शिकायत के बाद एक्टिव हुए साइबर ठग, झांसे में आकर शिक्षक ने पत्नी के पैसे भी गंवाए; जांच में जुटी साइबर सेल।
भदैनी मिरर, अपराध डेस्क: धर्मनगरी वाराणसी में साइबर अपराधियों का हौसला लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बार ठगों ने सामने घाट इलाके के रहने वाले एक शिक्षक को अपना शिकार बनाया है। बीमा की फंसी हुई रकम को वापस दिलाने के नाम पर जालसाजों ने शिक्षक से 35 लाख 40 हजार 600 रुपये की मोटी रकम ठग ली। पीड़ित शिक्षक ने इस धोखाधड़ी की शिकायत साइबर सेल और 1930 हेल्पलाइन पर दर्ज कराई है। पुलिस अब संबंधित मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के आधार पर मामले की तफ्तीश में जुट गई है।
ऑनलाइन शिकायत करते ही जाल में फंसे शिक्षक
पीड़ित गोपेश पांडेय रामनगर स्थित प्रभु नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि साल 2023 में उन्होंने चार अलग-अलग कंपनियों में कुल 14 लाख 35 हजार रुपये का बीमा (Insurance) कराया था। कुछ समय बाद उन्हें इस निवेश को लेकर संदेह हुआ। अपने पैसे सुरक्षित निकालने के लिए उन्होंने बीते फरवरी महीने में आईजीएमएस (इंटीग्रेटेड ग्रीवांस मैनेजमेंट सिस्टम) पर एक ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत दर्ज होने के कुछ ही समय बाद उनके पास अलग-अलग चार अनजान मोबाइल नंबरों से फोन आने लगे। फोन करने वालों ने खुद को अधिकारी बताते हुए गोपेश को उनकी शिकायत के समाधान का पूरा भरोसा दिया और उन्हें अपनी बातों के जाल में फंसा लिया।
किश्तों और टैक्स के नाम पर ऐंठे ₹35 लाख
जालसाजों ने बीमा की पूरी रकम वापस दिलाने का झांसा देकर अलग-अलग मदों में पैसे ट्रांसफर करवाना शुरू किया:
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तारीख और ठगी का दायरा: शातिरों ने 24 फरवरी से 20 मई के बीच किश्त जमा करने और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर कुल ₹35,40,600 अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
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पत्नी के पैसे भी डूबे: गोपेश पांडेय की पत्नी भी शिक्षिका हैं। जालसाजों के झांसे में आकर गोपेश ने अपनी पत्नी के पैसे भी इसी बीमा रिफंड के नाम पर ठगों के हवाले कर दिए।
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अब ₹90 लाख का दे रहे लालच: इतनी बड़ी रकम ऐंठने के बाद भी ठगों का पेट नहीं भरा। अब वे फिर से फोन करके और पैसों की मांग कर रहे हैं। ठगों का कहना है कि कुछ और पैसे जमा करने पर पिछला सारा अमाउंट मिलाकर कुल 90 लाख रुपये का भुगतान एक साथ कर दिया जाएगा।
पीड़ित ने की 1930 पर शिकायत
जब शिक्षक को पूरी तरह से ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय साइबर सेल और अपने संबंधित बैंक को भी इस धोखाधड़ी की सूचना दे दी है ताकि ठगों के खातों को फ्रीज कराया जा सके।
भदैनी मिरर की अपील (Cyber Safety Tip): किसी भी सरकारी या प्राइवेट पोर्टल (जैसे IGMS) पर शिकायत करने के बाद यदि किसी अज्ञात नंबर से पैसों की मांग के लिए फोन आए, तो सतर्क हो जाएं। कोई भी प्राधिकृत संस्था रिफंड दिलाने के लिए पहले पैसे जमा करने को नहीं कहती। अपनी गोपनीय जानकारी और पैसे किसी को भी ट्रांसफर न करें।