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रोहनिया मर्डर केस: पत्नी के मायके जाते ही 20 दिन पहले तय हुए शूटर, जितेंद्र हत्याकांड पर CP मोहित अग्रवाल से मिले विधायक और पूर्व मेयर

4 राज्यों में पुलिस की दबिश जारी, जमीन बिक्री की रकम को लेकर चल रहा था विवाद 

 

वाराणसी, भदैनी मिरर ब्यूरो।  रोहनिया थाना क्षेत्र के अखरी (सौरव विहार कॉलोनी) के पास जनरल स्टोर संचालक जितेंद्र कुमार पटेल (40) की सनसनीखेज हत्या के मामले में 'भदैनी मिरर' को पुलिस सूत्रों से बेहद चौंकाने वाली और बड़ी जानकारी मिली है। तफ्तीश में यह साफ हो चुका है कि यह हत्या किसी राह चलते अपराधी ने नहीं, बल्कि जितेंद्र के बेहद करीबियों ने भाड़े के शूटरों (Contract Killers) से करवाई थी।

एसओजी (SOG) और रोहनिया पुलिस की टीमें आरोपियों के बिल्कुल नजदीक पहुंच चुकी हैं और किसी भी वक्त इस पूरे हत्याकांड का आधिकारिक तौर पर पर्दाफाश हो सकता है।


एक्सक्लूसिव खुलासा: बैंक खाते में जमा मोटी रकम बनी काल

'भदैनी मिरर' को सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, इस खूनी साजिश की स्क्रिप्ट कुछ दिन पहले बिकी एक जमीन की मोटी रकम को लेकर लिखी गई थी।
 बिकी हुई जमीन की पूरी मोटी रकम जितेंद्र कुमार पटेल के बैंक खाते में जमा थी। इस पैसे को लेकर जितेंद्र की कुछ अपने ही करीबियों से पिछले कुछ समय से गंभीर अनबन चल रही थी।
रुपयों के विवाद को लेकर जितेंद्र को बकायदा चेतावनी (धमकी) भी दी गई थी। यही कारण था कि जितेंद्र खौफ में था और रोज रात को दुकान बंद करने के बाद अकेले नहीं, बल्कि अपनी पत्नी रेनू को बाइक पर साथ बैठाकर घर लौटता था।


साजिशकर्ताओं ने उठाया पत्नी के मायके जाने का फायदा


साजिशकर्ताओं को इस बात की पूरी रेकी थी कि जितेंद्र की सुरक्षा का घेरा उसकी पत्नी है। जैसे ही जितेंद्र की पत्नी अपने मायके गई, साजिशकर्ताओं ने इसे वारदात के लिए सबसे सटीक समय माना।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के लिए करीब 20 दिन पहले ही भाड़े के शूटरों को मोटी रकम देकर तय कर दिया गया था। वारदात वाली रात को एक गद्दार ने शूटरों को सटीक मुखबिरी (लोकेशन) दी कि जितेंद्र आज अकेला दुकान बढ़ाकर निकल रहा है। पुलिस ने जब संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), बैंक ट्रांजेक्शन और सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो कड़ियां आपस में जुड़ती चली गईं।


कार्रवाई के लिए CP मोहित अग्रवाल से मिले विधायक, मेयर और जनप्रतिनिधि

अवलेशपुर-रोहनिया की इस दुस्साहसिक वारदात को लेकर शनिवार को वाराणसी की राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी बढ़ गई। विधायक सुनील पटेल के नेतृत्व में वाराणसी के पूर्व महापौर (मेयर), ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान और सभासदों (पार्षदों) के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर (CP) मोहित अग्रवाल से उनके आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान मृतक जितेंद्र पटेल की रोती-बिलखती पत्नी भी मौजूद रही।

मुजरिम चाहे घर का हो या बाहर का, बख्शा नहीं जाएगा: सीपी

जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त करते हुए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि उनके कार्यकाल में हुई हर बड़ी घटना का वर्कआउट हुआ है और इस केस को भी पुलिस जल्द से जल्द सुलझाएगी।
सीपी ने बताया कि अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई टीमें बनाई गई हैं। वाराणसी के साथ-साथ पुलिस की टीमों ने लखनऊ, चंदौली, बिहार और गुजरात तक में डेरा डाल रखा है।


मुजरिम चाहे घर का हो या बाहर का, बच नहीं पाएगा


मुलाकात के बाद विधायक सुनील पटेल ने बताया, "हमने और पीड़ित परिवार ने सीपी साहब से मुलाकात की है। उन्होंने बहुत संतोषजनक बातें बताई हैं और कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं जिन्हें अभी बयां नहीं किया जा सकता। पुलिस पूरी मजबूती से काम कर रही है। हम जनता से भी अपील करते हैं कि धैर्य बनाए रखें और पुलिस का सहयोग करें।"

डेलिगेशन में शामिल अन्य पार्षदों और प्रधानों ने भी कहा कि पुलिस कमिश्नर के आश्वासन के बाद अब किसी संशय की गुंजाइश नहीं है, बहुत जल्द पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।


क्या था पूरा मामला? 

बता दें कि रोहनिया थाना क्षेत्र के सौरव विहार कॉलोनी (अखरी) के पास बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने जनरल स्टोर व्यवसायी जितेंद्र कुमार पटेल पर सरेराह ताबड़तोड़ दो राउंड फायरिंग की थी। पीठ में गोली लगने के बावजूद जितेंद्र ने गजब का साहस दिखाया था और खुद बाइक चलाकर घर पहुंचे थे, जहाँ उन्होंने अपनी मां सुदामा देवी को घटना की जानकारी दी थी। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान मंगलवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया था। जितेंद्र अपने तीन भाइयों में सबसे बड़े थे और अपने पीछे दो मासूम बेटों अतुल (11) और आयुष (9) को छोड़ गए हैं।