UP ATS की बड़ी कार्रवाई, ₹25 हजार का इनामी जाली नोट सरगना पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार, 2 साल से था फरार
₹30 हजार के बदले लाता था 1 लाख के नकली नोट; वाराणसी-प्रयागराज के बाजारों में खपाने वाला मास्टरमाइंड जाकिर गया जेल।
वाराणसी (भदैनी मिरर): उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (UP ATS) को जाली नोटों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एटीएस ने नकली नोटों की तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड जाकिर को पश्चिम बंगाल से दबोच लिया है। पिछले दो सालों से फरार चल रहे जाकिर पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
55 वर्षीय आरोपी जाकिर को एटीएस ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के वैष्णो नगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उसे वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के सारनाथ थाने को सौंप दिया गया, जहाँ से चिकित्सीय परीक्षण (Medical Test) के बाद न्यायालय ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। सारनाथ थाना प्रभारी पंकज कुमार त्रिपाठी ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
नवंबर 2024 के फेक करेंसी मामले से जुड़े हैं तार
यह पूरी कार्रवाई 19 नवंबर 2024 को सारनाथ क्षेत्र में हुई एक पुरानी घटना से जुड़ी है। उस वक्त यूपी एटीएस ने हृदयपुर अंडरपास के पास से जाली नोटों की तस्करी करने वाले दो आरोपियों—मोहम्मद सुलेमान अंसारी और इदरीश को गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान उनके पास से ₹1,97,000 की जाली भारतीय मुद्रा, मोबाइल फोन, पैन कार्ड, निर्वाचन कार्ड और रेल टिकट बरामद हुए थे। इस पूरे नेटवर्क के पीछे जाकिर ही मुख्य दिमाग (मास्टरमाइंड) था, जो तब से पुलिस को चकमा दे रहा था।
साथियों का आपराधिक इतिहास
पकड़े गए तस्करों का नेटवर्क काफी पुराना और शातिर है:
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मोहम्मद सुलेमान: इसे पूर्व में बिहार पुलिस ने भी 2 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था, जिसके बाद वह हाजीपुर जेल में छह महीने तक बंद रहा था।
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इदरीश: इस मामले का दूसरा आरोपी इदरीश था, जिसकी कुछ समय पहले वाराणसी जेल में निरुद्ध रहने के दौरान मौत हो चुकी है।
बांग्लादेश कनेक्शन: ₹30 हजार के असली नोटों के बदले मिलते थे 1 लाख के नकली नोट
पुलिस और एटीएस की कड़ाई से की गई पूछताछ में जाकिर ने इस काले कारोबार के नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया है। जाकिर ने बताया कि वह बांग्लादेश के रहने वाले रफीकुल नाम के एक तस्कर के संपर्क में था।
ऐसे होता था मुनाफे का खेल: जाकिर बांग्लादेशी तस्कर रफीकुल को 30 हजार रुपये असली भारतीय मुद्रा देता था, जिसके बदले उसे 1 लाख रुपये के जाली नोट मिलते थे। इसके बाद जाकिर इस खेप को अपने साथियों (सुलेमान और इदरीश) को 40 हजार रुपये असली नोट के बदले 1 लाख के नकली नोट की दर से बेच देता था।
यह गिरोह इन जाली नोटों को वाराणसी, प्रयागराज और उत्तर प्रदेश के अन्य भीड़भाड़ वाले जिलों के बाजारों और मेलों में आसानी से खपा देता था। एटीएस अब गिरोह के बांग्लादेशी कनेक्शन और इससे जुड़े अन्य मददगारों की तलाश में जुट गई है।