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Ghazipur Encounter: गाजीपुर में पुलिस मुठभेड़ के बाद दुष्कर्म का आरोपी संतोष यादव गिरफ्तार

मरदह पुलिस ने 'यक्ष ऐप' (Yaksha App) की मदद से आरोपी को किया था शॉर्टलिस्ट; चेकिंग के दौरान पुलिस टीम पर की थी फायरिंग

 

गाजीपुर (भदैनी मिरर): उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में अपराधियों के खिलाफ जारी धरपकड़ अभियान के तहत मरदह थाना पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। बुधवार की भोर में करहर बुजुर्ग तिराहे के पास हुई एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान दुष्कर्म के आरोपी संतोष यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। आत्मरक्षार्थ पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी है, जिससे वह घायल हो गया। उसे उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

खास बात यह है कि इस अंधेरे केस को सुलझाने और आरोपी को शॉर्टलिस्ट करने में गाजीपुर पुलिस ने हाईटेक 'यक्ष ऐप' (Yaksha App) का सहारा लिया।

चेकिंग के दौरान पुलिस टीम पर झोंका फायर

कासिमाबाद के क्षेत्राधिकारी (CO) अनुभव राजर्षि ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मरदह थाना की प्रभारी निरीक्षक तारावती यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम बुधवार तड़के करहर बुजुर्ग तिराहे पर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि दुष्कर्म का मुख्य आरोपी वहां से गुजरने वाला है।

पुलिस टीम ने जब घेराबंदी कर जमानिया कोतवाली के देवरिया गांव निवासी आरोपी संतोष यादव (40 वर्ष) को रोकने का प्रयास किया, तो उसने खुद को घिरता देख जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर अवैध असलहे से फायरिंग झोंक दी। पुलिस टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के दोनों पैरों में गोली लग गई और वह बाइक सहित वहीं गिर पड़ा।

तमंचा, कारतूस और नकदी बरामद

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी संतोष यादव को अपनी कस्टडी में ले लिया। अमले को मौके से तलाशी के दौरान आरोपी के पास से:

  • एक अवैध तमंचा (315 बोर)

  • एक जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस

  • एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल

  • 750 रुपये नगद बरामद हुए हैं।

'यक्ष ऐप' ने ऐसे खोली आरोपी की कुंडली

सीओ कासिमाबाद ने बताया कि इस संवेदनशील मामले की छानबीन और आरोपी को चिह्नित करने में उत्तर प्रदेश पुलिस के डिजिटल डेटाबेस 'यक्ष ऐप' की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने इस ऐप के जरिए पूर्व में लैंगिक अपराधों (पोक्सो/दुष्कर्म) में जेल जा चुके और घटनास्थल के आसपास के इलाकों में रहने वाले अपराधियों की एक सूची तैयार की। जब इस डिजिटल लिस्ट के आधार पर संदिग्धों की वर्तमान गतिविधियों और संलिप्तता की गहनता से कड़ियां जोड़ी गईं, तो संतोष यादव का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई थी।