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Ghazipur Crime: विनीत राय हत्याकांड में 43 लोगों से पूछताछ और 12 CCTV खंगालने के बाद 2 शूटर गिरफ्तार

गाजीपुर पुलिस ने शिवम दुबे और रहमान उर्फ गोल्डन को दबोचा; 1 लाख का इनामी कमलेश चौधरी पहले ही एनकाउंटर में हो चुका है ढेर

 

गाजीपुर (भदैनी मिरर): उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के चर्चित विनीत राय हत्याकांड में पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। स्वात (SOG), सर्विलांस और गाजीपुर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने कड़ी मशक्कत, 43 संदिग्धों से पूछताछ और 12 से अधिक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने के बाद घटना में शामिल दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान शिवम दुबे और रहमान अली उर्फ 'गोल्डन' के रूप में हुई है, जिन्हें पुलिस ने चौकिया मोड़ ओवरब्रिज के पास से घेराबंदी कर दबोचा।

बिंदु होटल के पास सरेआम हुई थी हत्या

मामले का खुलासा करते हुए एएसपी सिटी (ASP City) डॉ. राकेश मिश्रा ने बताया कि बीती 29 मई की रात शहर के गौसाबाद स्थित बिंदु होटल के गेट के पास होटल मालिक आलोक राय के बेटे विनीत राय की तीन बाइकों पर सवार होकर आए सात बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद मृतक के छोटे भाई आदेश राय ने कटरा गैंग के सरगना शंकर पांडेय, आलोक दुबे, सोनू यादव, कमलेश चौधरी और तीन अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

1 लाख का इनामी कमलेश चौधरी पहले ही ढेर

इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बीती 3 जून को ही एक लाख रुपये के इनामी और मुख्य शूटर कमलेश चौधरी को पुलिस मुठभेड़ (एनकाउंटर) में ढेर कर दिया था। इसके बाद से ही पुलिस टीम बाकी के नामजद और अज्ञात आरोपियों की तलाश में दिन-रात दबिश दे रही थी।

हत्याकांड से पहले पार्टी में भी थे शामिल

कोतवाल प्रमोद कुमार सिंह की अगुवाई में काम कर रही पुलिस टीम को मुखबिर और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए पुख्ता इनपुट मिले, जिसके बाद रुहीपुर निवासी शिवम दुबे और सोहिलापुर बबेड़ी निवासी रहमान अली उर्फ गोल्डन को सर्विलांस लोकेशन के आधार पर दबोच लिया गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कुबूल किया है कि वे वारदात के वक्त न सिर्फ मौके पर मौजूद थे, बल्कि हत्या की साजिश को अंजाम देने से पहले हुई एक पार्टी में भी वे बाकी शूटरों के साथ शामिल थे।

बढ़ सकती है अज्ञात आरोपियों की संख्या

एएसपी सिटी ने संकेत दिए हैं कि इस हत्याकांड की कड़ियां बेहद गहरी जुड़ी हैं। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसमें अज्ञात आरोपियों की संख्या और बढ़ सकती है। फिलहाल पुलिस एक अन्य अज्ञात शूटर को चिह्नित करने के बेहद करीब है, जबकि फरार चल रहे नामजद आरोपी शंकर पांडेय, आलोक दुबे और सोनू यादव की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।