वाराणसी में दिल्ली की महिला से यौन उत्पीड़न, SBI जनरल इंश्योरेंस के मैनेजरों पर FIR दर्ज
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन के दौरान हुई थी वारदात, दिल्ली से ट्रांसफर होकर बनारस पहुंची 'जीरो एफआईआर'
वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क): वाराणसी के कोतवाली थाने में एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी के रिपोर्टिंग मैनेजर और उच्च प्रबंधन के खिलाफ यौन उत्पीड़न, आपराधिक धमकी और अवैध रूप से नौकरी से निकालने के गंभीर आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। दिल्ली के कालकाजी थाने में दर्ज हुई 'जीरो एफआईआर' को अब आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट को ट्रांसफर कर दिया गया है। यह कार्रवाई कंपनी की एक पूर्व महिला कर्मचारी की शिकायत पर हुई है।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन के दौरान हुई वारदात
पुलिस को दी गई शिकायत में दिल्ली के मालवीय नगर की रहने वाली पीड़िता ने बताया कि वह बीते साल 16 जुलाई को कंपनी के रिपोर्टिंग मैनेजर प्रीत दीप सिंह और कॉरपोरेट प्रमुख नैनूर देसाई के साथ वाराणसी आई थी। आरोप है कि कोतवाली क्षेत्र में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर जाते समय आरोपियों ने उसका यौन उत्पीड़न किया।
विरोध करने पर नौकरी से निकाला
पीड़िता का आरोप है कि बनारस की इस घटना के बाद दिल्ली ऑफिस में काम के दौरान भी उसका लगातार उत्पीड़न किया गया। जब उसने अधिकारियों की अनुचित और अवैध मांगों को मानने से इनकार कर दिया, तो बदले की भावना से उसके साथ लिंग आधारित भेदभाव किया जाने लगा। पीड़िता ने जब कंपनी के आंतरिक शिकायत निवारण तंत्र (Internal Complaints Committee) में इसकी शिकायत करनी चाही, तो उसकी चिंताओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। आखिरकार, उसे नौकरी से भी अवैध रूप से बर्खास्त कर दिया गया, जिसके बाद उसने पुलिस की शरण ली।
दिल्ली में दर्ज हुई थी 'जीरो एफआईआर'
कोतवाली थाना प्रभारी दयाशंकर सिंह के अनुसार, पीड़िता ने सबसे पहले दिल्ली के कालकाजी पुलिस स्टेशन में 13 अप्रैल को अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। दिल्ली पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यौन उत्पीड़न की मुख्य घटना वाराणसी पुलिस के क्षेत्राधिकार में हुई थी। इसके बाद कालकाजी पुलिस ने 9 मई को 'जीरो एफआईआर' दर्ज कर मामले को कोतवाली पुलिस (वाराणसी) को सौंप दिया।
फिलहाल, वाराणसी की कोतवाली पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर मामले की सघन जांच शुरू कर दे है।