बनारस रेलवे स्टेशन से शातिर मोबाइल चोर गिरफ्तार, 5 महंगे मोबाइल बरामद; नशा और शौक पूरा करने के लिए करता था चोरी
जीआरपी, आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त कार्रवाई में पुरानी पार्किंग के पास से पकड़ा गया शिवपुर का शातिर चोर; बरामद फोन की कीमत ₹1.20 लाख
वाराणसी (भदैनी मिरर)। वाराणसी के बनारस (मड़ुआडीह) रेलवे स्टेशन परिसर से जीआरपी, आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त चेकिंग टीम ने सोमवार (21 सितंबर 2026) को एक शातिर मोबाइल चोर को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के पास से विभिन्न ब्रांड्स के 5 चोरी के महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग ₹1,20,000 (एक लाख बीस हजार रुपये) बताई जा रही है।
पुरानी पार्किंग में बरगद के पेड़ के पास से हुई गिरफ्तारी
जीआरपी इंस्पेक्टर रजोल नागर ने बताया कि स्टेशन सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे नियमित चेकिंग अभियान के दौरान संयुक्त टीम बनारस मड़ुआडीह रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया के बाहर गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुरानी पार्किंग में बने बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरे पर एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में बैठा दिखाई दिया।
पुलिस टीम को देखते ही उसने भागने का प्रयास किया, जिसे घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। जब उससे कड़ाई से पूछताछ की गई और उसकी तलाशी ली गई, तो उसके पास से चोरी के 5 मोबाइल फोन बरामद हुए।
आरोपी की पहचान और चोरी करने का तरीका (Modus Operandi)
पकड़े गए आरोपी की पहचान रोहित बनवासी के रूप में हुई है, जो वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला है।
* ऐसे देता था वारदात को अंजाम: पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह बनारस स्टेशन और आसपास के इलाकों में सो रहे, ध्यान न दे रहे या असावधान यात्रियों को निशाना बनाता था। मौका मिलते ही वह पलक झपकते ही मोबाइल पार कर देता था।
* शौक और नशे के लिए चोरी: आरोपी ने पुलिस के समक्ष कबूल किया कि वह अपने महंगे शौक, ऐशो-आराम और नशापत्ती की आदतों को पूरा करने के लिए चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। चुराए गए मोबाइलों को वह ओने-पोने और कम दामों में राहगीरों या जान-पहचान के लोगों को बेच देता था।
पूर्व में भी दर्ज हैं मुकदमे, अन्य साथियों की तलाश जारी
जीआरपी इंस्पेक्टर रजोल नागर के अनुसार, बरामद किए गए 5 मोबाइलों में से एक मोबाइल पूर्व में दर्ज एक मुकदमे की चोरी से संबंधित पाया गया है। आरोपी का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
फिलहाल आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेजा जा रहा है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि चोरी के इस नेटवर्क में उसके साथ कोई संगठित गिरोह या अन्य साथी भी शामिल हैं या नहीं।