BHU News: बीएचयू छात्र नेता विकास यादव को कोर्ट से मिली जमानत, जानलेवा हमले के आरोप में गए थे जेल
लंका के नरिया में बैट से मारकर युवक का सिर फोड़ने का था आरोप; जिला जज की अदालत ने 50-50 हजार के मुचलके पर रिहाई का दिया आदेश।
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के छात्र नेता विकास यादव को मामूली विवाद में एक युवक पर जानलेवा हमला करने के मामले में अदालत से बड़ी राहत मिल गई है। जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी छात्र नेता को 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें और समान राशि का बंधपत्र (बेल बॉन्ड) दाखिल करने पर जेल से रिहा करने का आदेश जारी किया है।
अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, डीएन यादव, नरेश यादव और धनंजय कुमार ने प्रभावी ढंग से अपना पक्ष रखा।
क्या था पूरा मामला और आरोप?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस मामले को लेकर साकेत नगर (संकट मोचन, लंका) निवासी चंद्रशेखर सिंह ने लंका थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी। आरोप के मुताबिक, बीते 22 मई 2026 की रात करीब 8:45 बजे लंका क्षेत्र के नरिया के पास वादी के बड़े भाई चंद्रमा सिंह के साथ कुछ लोगों का मामूली विवाद हुआ था।
आरोप था कि इस दौरान अंकित पाल, बिट्टू बाबू और बीएचयू छात्र नेता विकास यादव ने अपने 10-12 अज्ञात साथियों के साथ मिलकर चंद्रमा सिंह पर जान से मारने की नीयत से क्रिकेट बैट से सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बैट के इस हमले से चंद्रमा सिंह का सिर फट गया, अत्यधिक खून बहने लगा और वे मौके पर ही बेहोश होकर गिर गए।
भीड़ जुटती देख धमकी देते हुए भागे थे आरोपी
घटनास्थल पर मारपीट देखकर जब आसपास के लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी, तो हमलावर मौके पर गाली-गलौज करते हुए और दोबारा दिखने पर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। आनन-फानन में स्थानीय लोगों की मदद से घायल चंद्रमा सिंह को इलाज के लिए बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी।
गिरफ्तारी के बाद दी गई थी जमानत अर्जी
इस जानलेवा हमले के मामले में मुस्तैद लंका थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मूल रूप से गाजीपुर के रहने वाले और वर्तमान में नगवां (लंका) में किराए पर रहकर पढ़ाई करने वाले बीएचयू छात्र नेता विकास यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल जाने के बाद आरोपी छात्र नेता ने अपने वकीलों के माध्यम से जिला जज की अदालत में जमानत याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अब सशर्त जमानत मंजूर कर ली है।