वाराणसी कैंट स्टेशन पर दून एक्सप्रेस से 45 जिंदा कछुए बरामद, जौनपुर से बिहार ले जा रहे थे तस्कर; लाखों में है कीमत
जनरल कोच में लावारिस बैगों से मिले 36 छोटे और 9 बड़े कछुए; भीड़ का फायदा उठाकर भागा तस्कर, वन विभाग को सौंपी गई खेप
वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क): उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित कैंट रेलवे स्टेशन पर वन्यजीव तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कैंट स्टेशन पर राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की संयुक्त टीम ने सघन चेकिंग के दौरान दून एक्सप्रेस (Doon Express) के जनरल कोच से भारी मात्रा में अवैध रूप से ले जाए जा रहे 45 जिंदा कछुए बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन दुर्लभ कछुओं की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये आंकी जा रही है।
मुखबिर की सूचना पर जनरल बोगी में हुई छापेमारी
रेलवे पुलिस के मुताबिक, शनिवार को स्टेशन पर अपराध नियंत्रण और सुरक्षा के मद्देनजर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान सुरक्षा एजेंसियों को मुखबिर से पुख्ता जानकारी मिली कि दून एक्सप्रेस के पिछले जनरल डिब्बे में वन्यजीवों की बड़ी खेप ले जाई जा रही है।
सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम फौरन अलर्ट मोड पर आ गई। जैसे ही ट्रेन कैंट स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर रुकी, पुलिस टीम ने संबंधित कोच को घेरकर व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
बैग खोलते ही दंग रह गई पुलिस, मिले 15-15 किलो के कछुए
कोच की सघन तलाशी के दौरान पुलिस को सीट के नीचे पांच संदिग्ध लावारिस बैग मिले। जब इन बैगों को खोलकर देखा गया, तो उनके अंदर का नजारा देखकर सुरक्षाकर्मी भी हैरान रह गए। बैगों में कछुओं को क्रूरतापूर्वक ठंसा गया था।
बरामदगी का विवरण:
-
कुल कछुए: 45 जिंदा कछुए
-
छोटे कछुए: 36 पीस
-
बड़े कछुए: 9 पीस (इन बड़े कछुओं का वजन लगभग 10 से 15 किलोग्राम के बीच है)
जौनपुर से बिहार और वाया विदेश का था कनेक्शन!
प्रारंभिक जांच और खुफिया इनपुट के आधार पर पुलिस ने बताया कि कछुओं की इस खेप को जौनपुर से ट्रेन में लादा गया था और इन्हें तस्करी के लिए बिहार ले जाया जा रहा था। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, इन कछुओं की तस्करी विदेशों तक फैले एक बड़े सिंडिकेट नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है, जहां इनका इस्तेमाल दवाओं और तांत्रिक क्रियाओं के लिए किया जाता है।
भीड़ का फायदा उठाकर भागा तस्कर: जांच के दौरान जीआरपी को एक संदिग्ध तस्कर का सुराग और उसकी तस्वीर हाथ लगी है। हालांकि, कैंट स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ का फायदा उठाकर आरोपी मौका पाते ही ट्रेन से फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने उसकी पहचान स्थापित कर ली है और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी है।
वन विभाग को सौंपे गए कछुए, कानूनी कार्रवाई शुरू
रेलवे पुलिस ने बरामद किए गए सभी 45 कछुओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और तत्काल इसकी सूचना वन विभाग (Forest Department) को दी। वन विभाग की टीम कछुओं की विशिष्ट प्रजाति की पहचान करने में जुट गई है। इन कछुओं को जल्द ही उनके सुरक्षित और अनुकूल प्राकृतिक आवास (नदी/जलाशय) में छोड़ दिया जाएगा। इसके साथ ही, अज्ञात तस्करों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।