YEIDA International Trade City: NCR में बनेगी चीन जैसी 'इंटरनेशनल ट्रेड सिटी
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) चीन के 'यीवू' की तर्ज पर विकसित करेगा व्यापार केंद्र; ODOP और MSME सेक्टर को मिलेगा बड़ा बूस्ट।
भदैनी मिरर बिजनेस डेस्क: उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। यीडा (YEIDA) क्षेत्र में चीन की प्रसिद्ध 'यीवू इंटरनेशनल ट्रेड सिटी' की तर्ज पर एक भव्य इंटरनेशनल ट्रेड सिटी विकसित की जाएगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बिल्कुल करीब बनने वाले इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र के जरिए उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को सीधे देश-दुनिया के बड़े खरीदारों से जोड़ा जाएगा।
चीन के 'यीवू' की तर्ज पर 'वन-स्टॉप ट्रेडिंग डेस्टिनेशन'
चीन का 'यीवू शहर' दुनिया के सबसे बड़े थोक व्यापार केंद्रों में गिना जाता है, जहां एक ही छत के नीचे हजारों उत्पादों के प्रदर्शन, बिक्री और निर्यात की व्यवस्था है। इसी अवधारणा (Concept) को ध्यान में रखते हुए यीडा इस प्रोजेक्ट को आकार दे रहा है।
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लोकेशन: नोएडा एयरपोर्ट के पास स्थित औद्योगिक सेक्टर-7, 8 और सेक्टर-8ए में इस ट्रेड सिटी को विकसित करने की योजना है।
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किराये (Lease) पर मिलेंगे स्पेस: प्राधिकरण इसे 20-20 एकड़ के विशेष केंद्रों के रूप में बनाएगा। दुकानों या प्रदर्शनी केंद्रों को बेचने के बजाय किराये पर दिया जाएगा। इससे फायदा यह होगा कि यदि किसी उत्पाद या ब्रांड की मांग या स्थिति खराब होती है, तो उसे हटाकर नए व बेहतर उत्पाद को मौका दिया जा सकेगा।
MSME और 'एक जिला-एक उत्पाद' (ODOP) को मिलेगा नया आसमान
अक्सर छोटे और मध्यम उद्यमियों (MSME) के लिए अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करना और विदेशी खरीदारों तक पहुंच बनाना बेहद मुश्किल होता है। इंटरनेशनल ट्रेड सिटी इस चुनौती को खत्म करेगी।
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ODOP को वैश्विक ब्रांडिंग: उत्तर प्रदेश की महत्त्वाकांक्षी 'एक जिला-एक उत्पाद' (ODOP) योजना के तहत बनने वाले हस्तशिल्प, वस्त्र, चमड़ा उत्पाद और अन्य स्थानीय सामानों को यहां वैश्विक खरीदारों के सामने सीधे प्रदर्शित किया जा सकेगा।
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व्यापारिक नेटवर्क का विस्तार: देश-विदेश के एक्सपोर्टर्स और बायर्स एक ही प्लेटफॉर्म पर आकर यूपी के उत्पादों का सौदा कर सकेंगे, जिससे राज्य के निर्यात (Export) में भारी उछाल आने की उम्मीद है।
यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने के साथ-साथ एनसीआर (NCR) क्षेत्र में रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा करेगा।