{"vars":{"id": "125128:4947"}}

क्या भारत में भी मिलेगा 'राशन' से पेट्रोल? देश में तेल संकट की अटकलों पर सरकार ने दिया बड़ा जवाब, जानें स्टॉक की स्थिति

देश में तेल संकट की सुगबुगाहट: क्या लागू होगा 'फ्यूल कोटा'?

 

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य संघर्ष ने वैश्विक तेल आपूर्ति (Global Oil Supply) को हिला कर रख दिया है। भारत में भी इस संकट को लेकर चर्चाएं तेज हैं, खासकर तब जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन बचाने की अपील करते हुए 'वर्क फ्रॉम होम' और 'ऑनलाइन क्लास' जैसे सुझाव दिए हैं। क्या भारत में भी विदेशों की तरह पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर कोई सीमा (Quota) तय होने वाली है? इस सवाल पर सरकार ने बड़ा बयान दिया है।

पेट्रोलियम मंत्रालय का स्पष्टीकरण: "घबराने की जरूरत नहीं"

ईंधन की राशनिंग यानी कोटा लागू करने की अटकलों को खारिज करते हुए पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने साफ किया है कि भारत में पर्याप्त ईंधन भंडार है।

  • सरकार का रुख: सीआईआई (CII) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में मित्तल ने कहा, "घबराने की कोई बात नहीं है। देश में ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति है। राशनिंग जैसा कोई विचार नहीं है और न ही ऐसा कुछ होगा।"

  • रणनीति: सरकार ने मौजूदा आपूर्तिकर्ताओं से खरीद बढ़ा दी है और अतिरिक्त कार्गो भी हासिल किए हैं ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे।

भारत के पास कितना है तेल और LPG का स्टॉक?

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में 50% से अधिक की बढ़ोतरी के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें दो साल पुराने स्तर पर ही स्थिर हैं। सरकार के अनुसार:

ईंधन प्रकार भंडार (कितने दिनों के लिए सुरक्षित)
पेट्रोल और डीजल लगभग 60 दिन
LPG (रसोई गैस) लगभग 45 दिन

नोट: कीमतों को स्थिर रखने के चलते पेट्रोलियम कंपनियों को रोजाना करीब 1,000 से 1,200 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ रहा है, लेकिन सरकार ने आम जनता पर इसका बोझ नहीं पड़ने दिया है।

दुनियाभर में 'फ्यूल राशनिंग': इन देशों में है कड़ा पहरा

जहाँ भारत में स्थिति नियंत्रण में है, वहीं कई पड़ोसी और यूरोपीय देशों में हालात खराब हैं:

  • श्रीलंका: यहाँ क्यूआर (QR) कोड सिस्टम लागू है, जिसमें कारों को हफ्ते में सिर्फ 25 लीटर और बाइक को 5 लीटर तेल मिलता है।

  • पाकिस्तान: यहाँ प्रति वाहन औसतन 5 लीटर ईंधन का नियम बनाया गया है।

  • स्लोवेनिया: आम जनता के लिए हफ्ते में 50 लीटर की सीमा तय है।

  • जर्मनी और फ्रांस: कुछ इलाकों में एक बार में केवल 10 से 20 लीटर तेल ही दिया जा रहा है।

  • कंबोडिया: ईंधन की भारी किल्लत के चलते करीब 30% पेट्रोल पंप बंद हो चुके हैं।

क्या होती है फ्यूल राशनिंग?

फ्यूल राशनिंग वह प्रक्रिया है जिसमें सरकार पेट्रोल, डीजल या गैस की बिक्री पर एक सीमा तय कर देती है। इसका मुख्य उद्देश्य सीमित संसाधनों का समान वितरण सुनिश्चित करना और अफरा-तफरी को रोकना होता है। हालांकि, भारतीय सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत को फिलहाल इसकी कोई आवश्यकता नहीं है।