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UPI: क्या अब UPI इस्तेमाल करने पर देना होगा चार्ज? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दी सफाई

कांग्रेस के दावों को खारिज करते हुए वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि मर्चेंट डिस्काउंट रेट का बोझ ग्राहकों पर नहीं, बल्कि व्यापारियों पर पड़ेगा।

 

नई दिल्ली / भदैनी मिरर: डिजिटल लेनदेन और UPI (Unified Payments Interface) के इस्तेमाल को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। वित्त मंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि आम ग्राहकों को UPI लेनदेन के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क या चार्ज नहीं देना होगा।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश द्वारा उठाए गए सवालों और दावों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर स्पष्ट किया कि यदि डिजिटल पेमेंट पर 'मर्चेंट डिस्काउंट रेट' (MDR) लागू भी होता है, तो इसका असर केवल व्यापारियों (Merchants) पर पड़ेगा, आम उपयोगकर्ताओं या ग्राहकों पर नहीं।

MDR से ग्राहकों को नहीं, इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बढ़ावा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि MDR का मुख्य उद्देश्य डिजिटल भुगतान प्रणाली को मजबूत करना है। इससे प्राप्त राजस्व का उपयोग बैंक और फिनटेक (Fintech) कंपनियां अपने इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा और नए इनोवेशन में निवेश करने के लिए करेंगी। उन्होंने लिखा, "भ्रम फैलाने से पहले यह समझ लें कि MDR केवल मर्चेंट्स पर लागू होता है, ग्राहकों पर नहीं। बैंकों और फिनटेक कंपनियों द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर में किए गए इस निवेश का सीधा लाभ अंततः UPI के सभी यूजर्स को मिलेगा।"

बिल पास होने के बाद बनेगी कमेटी

निर्मला सीतारमण ने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक UPI लेनदेन पर MDR लगाने को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि संसद में 'कराधान और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026' (Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026) पारित होने के बाद ही NPCI (भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम) के नेतृत्व वाली 'UPI एवं सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी' इस विषय पर समीक्षा करेगी।

प्रस्तावित कानून केंद्र सरकार को यह शक्ति देता है कि वह अधिसूचित कर सके कि कौन से इलेक्ट्रॉनिक भुगतान मोड मुफ्त रहेंगे।

संसद में हंगामे पर विपक्ष पर साधा निशाना

विपक्ष पर हमला बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यदि संसद की कार्यवाही बाधित न हुई होती, तो इस विधेयक और इससे जुड़े पहलुओं पर सदन के पटल पर ही स्वस्थ चर्चा हो सकती थी। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल संसद में रचनात्मक चर्चा करने के बजाय कार्यवाही में बाधा डाल रहे हैं।

क्या है विधेयक में प्रावधान?

'कराधान और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026' के तहत भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 (Payment and Settlement Systems Act, 2007) की धारा 10(A) में संशोधन का प्रस्ताव है। यह संशोधन सरकार को UPI और RuPay कार्ड लेनदेन पर लागू मौजूदा 'ज़ीरो-MDR' ढांचे में बदलाव करने का कानूनी अधिकार देता है।

गौरतलब है कि यह बिल स्वयं किसी तरह का शुल्क या MDR लागू नहीं करता, बल्कि यह केवल सरकार को भविष्य में आवश्यकतानुसार नियम अधिसूचित करने का ढांचा प्रदान करता है।