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स्विगी की दूसरी तिमाही के नतीजों का ऐलान, रेवेन्यू में 36% की शानदार उछाल

Q2 FY27 में स्विगी का ऑपरेशनल रेवेन्यू बढ़कर ₹7,571 करोड़ हुआ, घटा घटाकर ₹922 करोड़ पर आया

 

बिजनेस डेस्क (भदैनी मिरर): फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी स्विगी (Swiggy) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के consolidated वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। 30 सितंबर 2026 को समाप्त हुई इस तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व (Revenue from Operations) सालाना आधार पर 36.1% बढ़कर 7,571 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 5,561 करोड़ रुपये था।

इसके साथ ही, नए ग्राहकों को जोड़ने, उन्हें जोड़े रखने और ऑर्डर फ्रीक्वेंसी बढ़ाने के उद्देश्य से स्विगी ने अपने विज्ञापन और सेल्स प्रमोशन खर्च में भी 24.9% की बढ़ोतरी की है।

विज्ञापन खर्च में हुआ इजाफा

कंपनी की रिपोर्ट के अनुसार, Q2 FY27 में विज्ञापन और बिक्री प्रोत्साहन पर कुल 1,298 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जो पिछले साल इसी तिमाही के 1,039 करोड़ रुपये के मुकाबले 259 करोड़ रुपये अधिक है। हालांकि, कुल रेवेन्यू के प्रतिशत के रूप में देखें तो विज्ञापन खर्च पिछले साल के 18.7% से घटकर इस बार 17.1% रहा।

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (H1) में स्विगी का विज्ञापन और प्रचार खर्च 18.5% बढ़कर 2,458 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

फूड डिलीवरी बिजनेस का प्रदर्शन

  • ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV): फूड डिलीवरी सेगमेंट का GOV सालाना आधार पर 17.7% बढ़कर 10,054 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

  • मुनाफा/EBITDA: एडजस्टेड EBITDA पिछले साल के 240 करोड़ रुपये से सुधरकर 341 करोड़ रुपये हो गया, जबकि मार्जिन 2.8% से सुधरकर 3.4% हो गया।

  • विज्ञापन से कमाई: कंपनी के मुताबिक, विज्ञापनों के जरिए मॉनिटाइजेशन बढ़ने से फूड डिलीवरी टेक रेट रिकॉर्ड 26.1% पर पहुंच गया।

इंस्टामार्ट (Instamart) का प्रदर्शन और शुद्ध घाटा

  • क्विक कॉमर्स का दबदबा: स्विगी के क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Instamart का GOV सालाना आधार पर 31.4% बढ़कर 9,230 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, इस बिजनेस को 895 करोड़ रुपये का एडजस्टेड EBITDA नुकसान हुआ।

  • समेकित घाटा (Net Loss): समेकित स्तर पर स्विगी का शुद्ध घाटा कम होकर 922 करोड़ रुपये पर आ गया है, जो पिछले साल समान अवधि में 1,092 करोड़ रुपये था। हालांकि, पहली तिमाही (Q1 FY27) के 791 करोड़ रुपये के घाटे की तुलना में इसमें मामूली बढ़ोतरी हुई है।

कंपनी का कहना है कि विज्ञापन, प्रोडक्ट मिक्स और प्राइवेट-लेबल उत्पादों के जरिए प्रति ऑर्डर राजस्व बढ़ाने और इंस्टामार्ट की लाभप्रदता (Profitability) में सुधार लाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।