Stock Market Today: अमेरिकी-ईरान तनाव से सहमा शेयर बाजार, शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 296 अंक और निफ्टी 103 अंक टूटा
मिडल ईस्ट संकट के चलते वैश्विक बाजारों में मंदी; लगातार बिकवाली कर रहे विदेशी निवेशक, बजाज फाइनेंस और एलएंडटी के शेयर गिरे
मुंबई: वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव और विदेशी फंडों की लगातार निकासी के चलते भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को भी मंदी का रुख देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता में बार-बार आ रहे गतिरोध से निवेशक सहमे हुए हैं। मंगलवार (2 जून, 2026) को शुरुआती कारोबार में प्रमुख इक्विटी सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) दोनों भारी गिरावट के साथ लाल निशान पर खुले।
शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई (BSE) सेंसेक्स 296.19 अंक टूटकर 73,971.30 पर आ गया, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई (NSE) निफ्टी 103.30 अंक की गिरावट के साथ 23,272.25 पर कारोबार करता देखा गया।
इन कंपनियों के शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल
बाजार के खुलते ही सेंसेक्स की शीर्ष 30 कंपनियों में से कई दिग्गजों को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा।
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सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयर (Laggards): बजाज फाइनेंस, इटरनल, बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और एनटीपीसी (NTPC) शुरुआती कारोबार में सबसे बड़े घाटे में रहे।
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हरे निशान पर रहने वाले शेयर (Gainers): इस गिरावट के बावजूद आईटी और ऑटो सेक्टर की कुछ कंपनियों में बढ़त देखी गई। इनमें इन्फोसिस, टीसीएस (TCS), टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, एशियन पेंट्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) के शेयर मजबूती के साथ कारोबार कर रहे थे।
वैश्विक बाजारों का हाल और मिडिल ईस्ट का संकट
एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi), जापान का निक्की 225 (Nikkei) और शंघाई का एसएसई कंपोजिट इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स बढ़त पर था। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.73% घटकर 94.29 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. ने बाजार की स्थिति पर कहा: "अमेरिका और ईरान के बीच स्थिति अभी भी अनसुलझी है। राजनयिक प्रयासों को बार-बार झटके लग रहे हैं और कोई ठोस समाधान नहीं निकल पा रहा है। मध्य पूर्व (Middle East) में लंबे समय से जारी इस तनाव ने वैश्विक निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को सीमित कर दिया है, जिससे वे अधिक सुरक्षित और रक्षात्मक रुख अपना रहे हैं।"
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान और ईरान की धमकी
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक बड़ा खुलासा किया है। ट्रंप ने सोमवार शाम को बताया कि उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को बेरूत (लेबनान) पर हमला रोकने के लिए मना लिया है, जिसके बाद इजरायली पीएम ने अपने सैनिकों को वापस बुला लिया।
यह घटनाक्रम तब सामने आया जब ईरान ने लेबनान पर इजरायल के हमलों के विरोध में अमेरिका के साथ चल रही बातचीत को खत्म करने की धमकी दी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप और नेतन्याहू के बीच फोन पर काफी तीखी बहस भी हुई थी।
विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली
बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा की जा रही लगातार बिकवाली भी है। एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, सोमवार (1 जून) को विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से 3,911.68 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर फंड बाहर निकाला।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने बताया कि वैश्विक स्तर पर भले ही एआई (AI) ट्रेड और कुछ देशों में नए रिकॉर्ड बन रहे हों, लेकिन भारत में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की निरंतर बिकवाली के कारण भारतीय बाजार दबाव में है।
बता दें कि इससे पहले सोमवार को भी बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी, जहां सेंसेक्स 508.40 अंक और निफ्टी 165.15 अंक गिरकर बंद हुआ था। यह लगातार पांचवां दिन है जब बाजार में कमजोरी देखी जा रही है।