Stock Market Today: सेंसेक्स 500+ अंक टूटा, निफ्टी 22683 पर; ग्लोबल तनाव से बाजार में हाहाकार
ईरान-इजरायल तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर, शुरुआती गिरावट के बाद हल्की रिकवरी
बिजनेस डेस्क। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट के बाद बाजार में हल्की रिकवरी दर्ज की गई, लेकिन माहौल अभी भी दबाव में है।
सुबह करीब 9:45 बजे BSE Sensex 544 अंक गिरकर 73,038 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जबकि Nifty 50 136 अंकों की कमजोरी के साथ 22,683 के स्तर पर पहुंच गया।
ओपनिंग में ही भारी गिरावट
इससे पहले बाजार की शुरुआत बेहद कमजोर रही। सेंसेक्स 1000 अंकों से ज्यादा टूटकर 72,565 पर खुला, जबकि निफ्टी 269 अंक गिरकर 22,549 के स्तर पर ओपन हुआ।
National Stock Exchange (NSE) पर 761 शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गए। करीब 2010 शेयर लाल निशान में रहे, जबकि सिर्फ 911 शेयर ही हरे निशान पर कारोबार कर सके।
ग्लोबल मार्केट में गिरावट का असर
वैश्विक बाजारों में जारी गिरावट का असर भारतीय बाजार पर साफ दिख रहा है।
- जापान का निक्केई 225 करीब 4% टूटा
- दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5% से ज्यादा गिरा
- हांगकांग के बाजार में भी कमजोरी के संकेत
वहीं, अमेरिकी बाजारों में भी लगातार पांचवें हफ्ते गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है।
ईरान-इजरायल तनाव बना बड़ा कारण
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, खासकर Iran और Israel के बीच टकराव ने ग्लोबल मार्केट को झटका दिया है।
यमन के हूथी विद्रोहियों की एंट्री से स्थिति और गंभीर हो गई है, जिससे ग्लोबल सप्लाई चेन और ऑयल रूट्स पर खतरा मंडरा रहा है।
कच्चे तेल में उछाल से दबाव
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने भी बाजार की चिंता बढ़ा दी है।
- ब्रेंट क्रूड $116 के पार
- WTI करीब $102
तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई और आर्थिक दबाव को बढ़ा सकती हैं, जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ रहा है।
रुपये में मजबूती
इस बीच Reserve Bank of India (RBI) के कदम के बाद रुपया मजबूत हुआ है और 1.3% बढ़कर 93.59 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, जब तक ग्लोबल तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
निवेशकों के लिए संकेत
मौजूदा हालात में निवेशकों को सतर्क रहने और जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।