Share Market Live 17 Feb: गिरावट के साथ खुले सेंसेक्स–निफ्टी, ग्लोबल संकेत कमजोर, निवेशकों में सतर्कता
एशियाई बाजारों की कमजोरी और ईरान–अमेरिका वार्ता की आशंका के बीच भारतीय शेयर बाजार में दिखी शुरुआती सुस्ती
नई दिल्ली | मंगलवार, 17 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार में तेजी पर ब्रेक लग गया। शुरुआती कारोबार में Bombay Stock Exchange का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 79 अंकों की गिरावट के साथ 83,197 के स्तर पर खुला, जबकि National Stock Exchange of India का बेंचमार्क निफ्टी 50 लगभग 44 अंक फिसलकर 25,631 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
सोमवार को मजबूत तेजी के बाद आज बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिली। बीते सत्र में सेंसेक्स करीब 650 अंकों की छलांग लगाकर 83,277 पर बंद हुआ था, वहीं निफ्टी 200 से ज्यादा अंकों की मजबूती के साथ 25,682 पर पहुंच गया था।
ग्लोबल मार्केट से मिले मिले-जुले संकेत
एशियाई बाजारों में कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। जापान का Nikkei 225 करीब आधा फीसदी गिरा। अमेरिका में Wall Street राष्ट्रपति दिवस की छुट्टी के कारण बंद रहा, जबकि अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में मिश्रित रुख देखने को मिला।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निवेशक इस समय वैश्विक घटनाक्रमों को लेकर सतर्क हैं, खासकर ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली वार्ता को लेकर।
ईरान-अमेरिका बातचीत पर नजर
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि वह जिनेवा में होने वाली उच्चस्तरीय बातचीत में परोक्ष रूप से शामिल रहेंगे। यह बैठक ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर हो रही है और इसका असर कच्चे तेल से लेकर वैश्विक शेयर बाजारों तक दिख सकता है।
घरेलू मोर्चे पर दबाव
भारत में जनवरी महीने में बेरोजगारी दर बढ़कर लगभग 5 प्रतिशत हो गई है। इसके अलावा आयात बढ़ने से व्यापार घाटा भी बढ़कर करीब 34.68 अरब डॉलर पहुंच गया है, जिससे निवेशकों की धारणा पर दबाव बना हुआ है।
सोना, डॉलर और कच्चा तेल
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया।
- डॉलर इंडेक्स लगभग स्थिर बना रहा।
- मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड और WTI कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई।
आगे क्या?
गिफ्ट निफ्टी पहले ही कमजोर संकेत दे चुका था, जिससे बाजार की सुस्त शुरुआत का अनुमान लगाया जा रहा था। जानकारों का मानना है कि आने वाले सत्रों में ग्लोबल संकेत, कच्चे तेल की चाल और घरेलू आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे।
(इनपुट: Reuters)