शेयर बाजार की सुस्त शुरुआत: क्रूड ऑयल की कीमतों और वैश्विक दबाव से टूटा सेंसेक्स-निफ्टी
सेंसेक्स 121 अंक लुढ़ककर 76,835 पर पहुंचा; एफआईआई (FII) की बिकवाली और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी से बाजार पर दबाव, एफएमसीजी और मेटल शेयरों ने संभाला।
भदैनी मिरर डिजिटल डेस्क: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्त रही। कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल के कारण एशियाई बाजारों में बने दबाव का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी देखने को मिला।
सेंसेक्स और निफ्टी का शुरुआती हाल
शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 121 अंक यानी 0.15 प्रतिशत गिरकर 76,835 के निचले स्तर तक पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 52.60 अंक यानी 0.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,027.80 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
सेक्टोरल ट्रेंड: रियल्टी और फार्मा टूटे, एफएमसीजी में बढ़त
बाजार में सेक्टोरल आधार पर मिला-जुला असर देखने को मिला:
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गिरावट वाले क्षेत्र: Nifty Realty में सबसे ज्यादा 1.67% की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा फाइनेंशियल सर्विसेज (-1.40%), हेल्थकेयर (-1.34%) और फार्मा (-1.20%) सेक्टर दबाव में रहे। प्राइवेट बैंकों के शेयरों में भी बिकवाली हावी रही।
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बढ़त वाले क्षेत्र: FII और वैश्विक झटकों के बीच FMCG सेक्टर में 0.76% की मजबूती देखी गई। इसके साथ ही मेटल (0.63%), मीडिया (0.61%), ऑटो (0.28%) और आईटी सेक्टर (0.24%) में हल्की खरीदारी दर्ज की गई।
बाजार में गिरावट के मुख्य कारण
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क्रूड ऑयल और भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव से मध्य पूर्व में तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे कच्चे तेल के दामों में उछाल आया है।
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अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल: अमेरिका की 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 4.77% और 30-वर्षीय यील्ड 5.24% पर पहुंच गई है, जिससे विदेशी निवेशक सुरक्षित अमेरिकी परिसंपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं।
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विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली: पिछले दो सत्रों के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों ने कैश मार्केट से करीब 13,025 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं, जिससे घरेलू बाजार की धारणा प्रभावित हुई है।
मजबूत जीडीपी डेटा से राहत की उम्मीद
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत के मजबूत आर्थिक बुनियादी आंकड़े बाजार को सहारा देंगे। पहली तिमाही (Q1) के 7.8% जीडीपी ग्रोथ आंकड़ों से संकेत मिलता है कि वित्त वर्ष 2027 में भारतीय अर्थव्यवस्था लगभग 7% की दर से आगे बढ़ सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार निकट भविष्य में निफ्टी के 23,000 से 25,000 के दायरे में रहने की संभावना है। तकनीकी रूप से बाजार की दिशा निफ्टी के 24,150–24,215 के स्तर को पार करने पर निर्भर करेगी।