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Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा

प्राइवेट फ्यूल रिटेलर नायरा एनर्जी ने देशभर के 7,100 से अधिक पंपों पर लागू की नई दरें; सरकारी तेल कंपनियों के दामों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं।

 

बिज़नेस डेस्क (भदैनी मिरर): अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल (Crude Oil) की लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब भारत के घरेलू ईंधन बाज़ार पर दिखने लगा है। देश की सबसे बड़ी निजी ईंधन खुदरा कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने अपने पेट्रोल और डीजल के दामों में बड़ा इजाफा कर दिया है। कंपनी ने शनिवार सुबह से तत्काल प्रभाव से पेट्रोल की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी लागू कर दी है।

देशभर के 7,108 पेट्रोल पंपों पर लागू हुईं नई दरें

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, नायरा एनर्जी द्वारा बढ़ाई गई नई दरें शनिवार सुबह से ही देशभर में स्थित कंपनी के 7,108 फ्यूल स्टेशनों पर प्रभावी हो चुकी हैं।

आपको बता दें कि इससे पहले मार्च महीने में भी पश्चिम एशिया व ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने पर नायरा ने कीमतें बढ़ाई थीं, जिसे बाद में जुलाई में वापस ले लिया गया था। हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम एक बार फिर $100 प्रति बैरल के पार पहुँचने के कारण कंपनी ने लागत का बोझ कम करने के लिए यह निर्णय लिया है।

सरकारी तेल कंपनियों ने नहीं बढ़ाए दाम

राहत की बात यह है कि यह वृद्धि केवल निजी क्षेत्र की कंपनी 'नायरा एनर्जी' द्वारा की गई है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी देश की प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। गौरतलब है कि भारत के कुल 1,04,137 पेट्रोल पंपों में से 90% से अधिक का संचालन सरकारी कंपनियाँ ही करती हैं।

ईंधन की बिक्री सीमित करने पर सरकार की कड़ाई

नायरा एनर्जी गुजरात के वडीनार में सालाना 20 मिलियन टन की क्षमता वाली रिफाइनरी का संचालन करती है। हाल ही में नुकसान से बचने के लिए कुछ निजी कंपनियों ने फ्यूल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सीमित कर दी थी। इस पर संज्ञान लेते हुए 1 अक्टूबर को सरकार ने सख्त निर्देश जारी कर निजी खुदरा विक्रेताओं को आउटलेट्स पर ईंधन की बिक्री सीमित न करने के आदेश दिए थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि निजी और सरकारी तेल पंपों के बीच कीमतों का यह बड़ा अंतर आने वाले दिनों में लॉजिस्टिक्स, माल ढुलाई शुल्क और आम आदमी की जेब पर असर डाल सकता है।