Petrol Diesel Price Cut: जुलाई के पहले ही दिन ईंधन की कीमतों में बड़ी कटौती, पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर हुआ सस्ता
देश के 7,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर दाम धड़ाम, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का मिला सीधा फायदा।
नई दिल्ली: देश के आम उपभोक्ताओं और वाहन चालकों के लिए जुलाई महीने की शुरुआत बेहद राहत भरी खबर के साथ हुई है। देश की सबसे बड़ी निजी ईंधन रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी कटौती करने का ऐलान किया है। कंपनी ने तत्काल प्रभाव से देशभर में अपने पंपों पर पेट्रोल के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर की बड़ी कटौती लागू कर दी है।
वैश्विक बाजार में पिछले कुछ हफ्तों से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आ रही गिरावट के बाद यह बीते दो वर्षों में किसी भी तेल कंपनी द्वारा ईंधन की खुदरा कीमतों में की गई पहली बड़ी कटौती है।
देशभर के 7000 से अधिक पंपों पर लागू हुईं नई दरें
उद्योग जगत से जुड़े सूत्रों के अनुसार, संशोधित दरें देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित नायरा एनर्जी के 7,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर प्रभावी हो चुकी हैं। हालांकि, उपभोक्ताओं को यह ध्यान रखना होगा कि मूल्य वर्धित कर (VAT) और अन्य स्थानीय करों के कारण अलग-अलग राज्यों और शहरों में पेट्रोल-डीजल की अंतिम खुदरा कीमतें थोड़ी भिन्न हो सकती हैं।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्यों घटे दाम?
ईंधन की कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में तनाव का कम होना माना जा रहा है। ईरान संघर्ष और भू-राजनीतिक मोर्चे पर जारी तनातनी में नरमी आने के बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को दोबारा खोल दिया गया है। इसके खुलने से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एलएनजी (LNG) की आपूर्ति पूरी तरह बहाल हो गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें तेजी से नीचे आई हैं।
सरकारी तेल कंपनियों ने नहीं दी राहत, IOC-HPCL-BPCL के दाम स्थिर
एक तरफ जहां निजी क्षेत्र की कंपनी नायरा एनर्जी ने कीमतों को घटाकर ग्राहकों को तोहफा दिया है, वहीं सार्वजनिक क्षेत्र (सरकारी) की तेल विपणन कंपनियों ने फिलहाल कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने अपने रेट्स जस के तस रखे हैं।
देश के 90 प्रतिशत से अधिक यानी करीब 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों का संचालन यही सरकारी कंपनियां करती हैं। वर्तमान में राजधानी दिल्ली में इनके आउटलेट्स पर पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर की दर पर स्थिर बना हुआ है।
मार्च वाली बढ़ोतरी को कंपनी ने किया पूरी तरह रोलबैक
आपको याद दिला दें कि इस साल 26 मार्च को जब ईरान संघर्ष की शुरुआत हुई थी, तब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया था। उस दौरान सबसे पहले कदम उठाते हुए नायरा एनर्जी ने पेट्रोल पर ₹5 और डीजल पर ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद मई के महीने में सरकारी तेल कंपनियों ने भी पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में करीब ₹7.50 प्रति लीटर तक का इजाफा किया था।
अब वैश्विक बाजार के स्थिर होते ही नायरा एनर्जी ने मार्च में की गई अपनी पूरी बढ़ोतरी को वापस (रोलबैक) ले लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि निजी क्षेत्र द्वारा शुरू की गई यह कटौती इस बात का पहला संकेत है कि आने वाले दिनों में आम उपभोक्ताओं को सरकारी कंपनियों की तरफ से भी सस्ते ईंधन का बड़ा फायदा मिल सकता है।