वेदांता ग्रुप के डीमर्जर के बाद नए शेयरों की सुस्त एंट्री: एल्युमिनियम 5% टूटा, ऑयल एंड गैस में लगा लोअर सर्किट
मार्केट में बंपर तेजी के बावजूद सुस्त रही वेदांता के 4 नए शेयरों की लिस्टिंग, हालांकि निवेशकों की कुल वेल्थ में हुआ भारी इजाफा।
बिजनेस डेस्क। दिग्गज उद्योगपति अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले वेदांता ग्रुप (Vedanta Group) के बहुप्रतीक्षित रीस्ट्रक्चरिंग (पुनर्गठन) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सोमवार को वेदांता ग्रुप से अलग (Demerged) हुई चार नई कंपनियों के शेयरों ने घरेलू शेयर बाजार में दस्तक दी। हालांकि, बाजार में चौतरफा हरियाली और बंपर तेजी के बावजूद इन नए शेयरों की शुरुआत काफी मिली-जुली और सुस्त रही। लिस्टिंग के तुरंत बाद वेदांता ऑयल एंड गैस में जहां लोअर सर्किट लग गया, वहीं वेदांता एल्युमिनियम ने अपने शुरुआती मुनाफे को गंवा दिया।
शेयर बाजार में कैसा रहा कंपनियों का प्रदर्शन?
कारोबारी सत्र के शुरुआती घंटों में वेदांता ग्रुप की विभिन्न लिस्टेड कंपनियों का हाल कुछ इस तरह रहा:
-
वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड: यह शेयर बाजार में ₹522 पर लिस्ट हुआ, लेकिन कुछ ही देर में करीब 4.7 प्रतिशत फिसलकर ₹497.7 के स्तर पर आ गया।
-
वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड: इस शेयर ने ₹38 पर शुरुआत की, लेकिन बिकवाली के दबाव के कारण 5 प्रतिशत गिरकर ₹36.1 पर पहुंच गया और इसमें लोअर सर्किट लग गया।
-
वेदांता पावर लिमिटेड: यह शेयर अपनी लिस्टिंग प्राइस ₹41.8 से 1.9 फीसदी टूटकर ₹41 पर कारोबार करता दिखा।
-
वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड: इस शेयर ने सुस्त बाजार में भी शानदार प्रदर्शन किया। यह ₹20 के भाव पर लिस्ट होकर 5.3 प्रतिशत की तेजी के साथ ₹21.06 पर पहुंच गया।
-
वेदांता लिमिटेड (मूल कंपनी): इस पैरेंट कंपनी के शेयर में भी मामूली 0.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह ₹305.35 पर ट्रेड कर रहा था।
गिरावट के बावजूद निवेशकों को हुआ बड़ा फायदा
भले ही लिस्टिंग प्राइस के मुकाबले इन शेयरों में गिरावट देखी जा रही हो, लेकिन वेदांता के शेयरधारकों के लिए यह सौदा फायदे का रहा। डीमर्जर के नियम के तहत, रिकॉर्ड डेट तक वेदांता लिमिटेड का एक शेयर रखने वाले निवेशकों को इन चारों नई कंपनियों का 1-1 शेयर मुफ्त मिला है।
अगर मौजूदा बाजार भाव के हिसाब से इन पांचों कंपनियों के शेयरों की कुल वैल्यू जोड़ी जाए, तो वह लगभग ₹901 प्रति शेयर बैठती है। जबकि डीमर्जर से पहले 29 अप्रैल को वेदांता का क्लोजिंग प्राइस ₹773.6 था। इस लिहाज से निवेशकों की कुल संपत्ति में बड़ा इजाफा हुआ है। ग्रुप के कारोबार में अब भी एल्युमिनियम बिजनेस सबसे मूल्यवान बना हुआ है।
डीमर्जर से क्या बदलेगा?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस रीस्ट्रक्चरिंग का मुख्य उद्देश्य वेदांता ग्रुप के अलग-अलग बिजनेस सेक्टर्स (एल्युमिनियम, पावर, ऑयल एंड गैस और आयरन-स्टील) को स्वतंत्र रूप से काम करने का मौका देना है। अब हर कंपनी के पास अपनी स्वतंत्र मैनेजमेंट टीम और कैपिटल एलोकेशन फ्रेमवर्क होगा। इससे कंपनियों के कामकाज में पारदर्शिता आएगी और निवेशक अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग सेक्टर्स में निवेश कर सकेंगे।
बाजार में रही चौतरफा तेजी, सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा उछला
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में ऐतिहासिक तेजी का रुख रहा। शुरुआती कारोबार में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) करीब 1,080 अंक (1.4%) और निफ्टी (Nifty) 320 अंक (1.35%) उछल गया। वैश्विक बाजार से आई खबरों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की रिपोर्ट्स के बाद कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी गिरावट से भारतीय बाजार को तगड़ा बूस्ट मिला, जिससे महंगाई और ब्याज दरों की चिंताएं कम हुईं।