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भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन बंपर तेजी, सेंसेक्स 1500 अंक और निफ्टी 374 अंक चढ़ा

Share Market Today: एशियाई बाजारों में गिरावट के बावजूद भारतीय शेयर बाजार गुलजार; सेंसेक्स 1533 अंक उछला, रुपया भी मजबूत

 

भदैनी मिरर डिजिटल डेस्क:ग्लोबल मार्केट में मंदी और टेक शेयरों में गिरावट के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला जारी है। हफ्ते के कारोबार में लगातार तीसरे दिन घरेलू शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स (Sensex) करीब 1,533 अंक (2%) की भारी तेजी के साथ 74,315 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 (Nifty 50) 374.65 अंक (1.6%) की बढ़त बनाकर 22,997 के स्तर पर बंद हुआ।

ग्लोबल सुस्ती के बीच भारतीय बाजार में क्यों आई तेजी?

अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका और एआई (AI) आधारित कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव के कारण एशियाई शेयर बाजार दबाव में नजर आए। हालांकि, भारतीय बाजारों ने इस वैश्विक रुझान को दरकिनार करते हुए मजबूत प्रदर्शन दिखाया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स (Geojit Investments) के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी. के. विजयकुमार के अनुसार, “वैश्विक स्तर पर टेक शेयरों में सुस्ती, भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के बेहतर तिमाही नतीजे और अमेरिकी फेड रिजर्व द्वारा दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक साबित हो रही हैं।”

हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि यदि ईरान-अमेरिका संघर्ष जारी रहता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल (Crude Oil) $100 प्रति बैरल से ऊपर बना रहता है, तो लंबी अवधि के लिए बाजार की तेजी पर असर पड़ सकता है।

रुपया लगातार चौथे दिन मजबूत, डॉलर और क्रूड में गिरावट से राहत

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के प्रभावी कदमों, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में नरमी और कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी के चलते भारतीय रुपया भी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में मजबूत हुआ है। डॉलर के मुकाबले रुपया 0.1% की बढ़त के साथ 95.5 के स्तर पर बंद हुआ। इस हफ्ते रुपये में कुल 2% का सुधार दर्ज किया गया है।

  • डॉलर इंडेक्स: छः प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की ताकत दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.4% गिरकर 102.10 पर आ गया।

  • कच्चा तेल (Brent Crude): अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल 2% की गिरावट के साथ $103.78 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। अमेरिका द्वारा कुछ टैंकर परिचालनों पर प्रतिबंध ढीले करने की संभावना से तेल की आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

आगामी विदेशी निवेश से रुपये को मिलेगी और ताकत

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स (Finrex Treasury Advisors) के ट्रेजरी प्रमुख अनिल कुमार भंसाली के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप, आयातकों द्वारा डॉलर की मांग और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) रुपये की दिशा तय करेंगे।

उन्होंने बताया कि जियो (Jio) आईपीओ और फेयरफैक्स (Fairfax) सौदे के जरिए बाजार में लगभग 6 से 7 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आने की उम्मीद है। इससे आने वाले दिनों में रुपया 94 से 94.50 के दायरे तक मजबूत हो सकता है।