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 GST Council Meeting Today: गिरफ्तारी की शक्तियां खत्म करने के प्रस्ताव पर भिड़े राज्य

GST काउंसिल की 57वीं बैठक में अपराधों को अपराधमुक्त (Decriminalise) करने पर मंथन; राज्यों की चेतावनी— 'गिरफ्तारी के बिना बेअसर हो जाएगा कानून'।

 

भदैनी मिरर बिजनेस डेस्क: नई दिल्ली में आज गुरुवार को आयोजित हो रही जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक (57th GST Council Meeting) में कर सुधारों और अधिकारियों के अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हो रही है। केंद्र सरकार द्वारा निवेशकों के भरोसे को बढ़ाने और टैक्स अधिकारियों की मनमानी रोकने के उद्देश्य से अपराधों को अपराधमुक्त (Decriminalisation) करने और गिरफ्तारी के प्रावधानों को खत्म करने का प्रस्ताव रखा गया है।

हालांकि, इस प्रस्ताव पर सहमति बनने के बजाय देश के कम से कम पांच प्रमुख राज्यों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

पार्टी लाइन से हटकर 5 बड़े राज्यों का विरोध

जीएसटी काउंसिल की बैठक से पहले केंद्र और राज्यों के अधिकारियों के बीच हुई बैठकों में उत्तर प्रदेश (UP), गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश ने गिरफ्तारी की शक्तियों को पूरी तरह खत्म करने के कदम पर चिंता व्यक्त की है।

राजनीतिक विचारधाराओं और पार्टी सीमाओं से परे हटकर इन राज्यों का मानना है कि कर चोरी रोकने के लिए टैक्स अधिकारियों के पास दंडात्मक अधिकार होना बेहद जरूरी है।

"बिना गिरफ्तारी के 'दंतहीन' (Toothless) हो जाएगा कानून" — राज्यों की चेतावनी

राज्यों के प्रतिनिधियों और वित्त अधिकारियों ने तर्क दिया है कि:

  • सिविल अरेस्ट की वकालत: गंभीर और सुनियोजित जीएसटी धोखाधड़ी (GST Violations) के मामलों में 'सिविल अरेस्ट' (Civil Arrest) का प्रावधान बरकरार रखा जाना चाहिए।

  • कानून का डर जरूरी: यदि अधिकारियों से गिरफ्तारी का अधिकार पूरी तरह छीन लिया गया, तो टैक्स चोरी करने वालों में कानून का डर खत्म हो जाएगा और पूरा जीएसटी तंत्र 'दंतहीन' (Toothless) साबित होगा।

निवेशकों को राहत देने के लिए लाया गया था प्रस्ताव

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार और जीएसटी काउंसिल के अधिकारियों ने टैक्सपेयर्स के उत्पीड़न को कम करने और देश में कारोबारी सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने के लिए यह प्रस्ताव पेश किया था। इसमें जीएसटी कानून के तहत कई तरह के गंभीर अपराधों को गैर-आपराधिक श्रेणी में डालने और गिरफ्तारी के प्रावधानों को निरस्त करने की सिफारिश की गई थी।

आज दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता में हो रही इस 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में देखना होगा कि राज्यों की इन गंभीर चिंताओं के बीच इस प्रस्ताव पर क्या अंतिम फैसला लिया जाता है।