Gold Silver Price Today: सोना-चांदी में गिरावट, जानिए क्यों टूटे दाम
प्रॉफिट बुकिंग और ग्लोबल मार्केट के संकेतों से कीमती धातुओं पर दबाव; एक्सपर्ट्स बोले– गिरावट में निवेश का मौका
Gold Silver Price Today 11 March: बुधवार को सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह के कारोबार में प्रॉफिट बुकिंग के कारण दोनों कीमती धातुओं के भाव दबाव में आ गए।
MCX पर गोल्ड अप्रैल फ्यूचर्स लगभग 0.5 प्रतिशत गिरकर ₹1,62,638 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। वहीं सिल्वर मई फ्यूचर्स शुरुआती कारोबार में करीब 1 प्रतिशत गिरकर ₹2,75,402 प्रति किलोग्राम पर आ गया।
हालांकि, पिछले कारोबारी सत्र में दोनों धातुओं में जोरदार तेजी देखने को मिली थी। उस दौरान गोल्ड अप्रैल फ्यूचर्स करीब 2 प्रतिशत बढ़कर ₹1,63,303 प्रति 10 ग्राम और सिल्वर मई फ्यूचर्स लगभग 4 प्रतिशत उछलकर ₹2,77,850 प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था।
इंटरनेशनल मार्केट में भी गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बुधवार, 11 मार्च को सोना और चांदी के दाम गिरावट के साथ खुले।
एशियाई कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड लगभग 0.34 प्रतिशत गिरकर 5,224 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा, हालांकि यह अब भी 5,200 डॉलर के अहम स्तर के ऊपर बना हुआ है।
वहीं स्पॉट सिल्वर में भी कमजोरी दर्ज की गई और यह करीब 0.32 प्रतिशत गिरकर 89.35 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम
रिपोर्ट्स के अनुसार मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और ऊर्जा बाजारों में बढ़ते उतार-चढ़ाव का असर कीमती धातुओं की कीमतों पर भी पड़ रहा है।
व्हाइट हाउस की ओर से यह बयान दिया गया कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य से किसी ऑयल टैंकर को एस्कॉर्ट नहीं किया है। यह बयान पहले किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट के विपरीत माना जा रहा है।
मंगलवार को भारी गिरावट के बाद अब तेल की कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिली है। मध्य पूर्व में जारी तनाव अपने 12वें दिन में पहुंच चुका है और इसका असर क्रूड प्रोडक्शन और रिफाइनिंग गतिविधियों पर पड़ रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह
टाटा म्यूचुअल फंड की मार्च 2026 की गोल्ड और सिल्वर आउटलुक रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सोना और चांदी दोनों में निवेश की संभावनाएं बनी हुई हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और मजबूत फंडामेंटल्स की वजह से आने वाले समय में कीमती धातुओं को सपोर्ट मिल सकता है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि कीमतों में गिरावट को लॉन्ग टर्म निवेश के लिए अवसर के रूप में देखा जा सकता है। पोर्टफोलियो में गोल्ड का स्ट्रैटेजिक अलोकेशन निवेशकों के लिए फायदेमंद हो सकता है, जबकि चांदी की कीमतें इंडस्ट्रियल डिमांड पर काफी हद तक निर्भर करती हैं।
गोल्ड का टेक्निकल आउटलुक
एनरिच मनी की सीईओ पोनमुदी आर के मुताबिक हाल ही में ऑल-टाइम हाई छूने के बाद सोना अब करेक्शन फेज में प्रवेश कर गया है, लेकिन लंबी अवधि का बुलिश ट्रेंड अभी भी बरकरार है।
विशेषज्ञों के अनुसार 5,000 से 5,100 डॉलर का सपोर्ट जोन सोने के लिए काफी अहम है। अगर यह स्तर टूटता है तो कीमतें 4,900 डॉलर तक जा सकती हैं। वहीं 5,400 से 5,600 डॉलर के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट होने पर सोना नए रिकॉर्ड हाई की ओर बढ़ सकता है।
चांदी का आउटलुक
चांदी के बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी अवधि में इसका ट्रेंड अभी भी सकारात्मक बना हुआ है। कीमतों ने प्रमुख मूविंग एवरेज को फिर से हासिल किया है, जो संभावित मजबूती का संकेत देता है।
76 से 80 डॉलर के सपोर्ट जोन पर मजबूत खरीदारी देखी जा रही है। अगर चांदी 90 से 95 डॉलर के ऊपर स्थिर होती है तो यह 100 से 110 डॉलर के स्तर की ओर बढ़ सकती है और पुराने रिकॉर्ड स्तरों को फिर से छू सकती है।