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Gold Silver Price Today: औंधे मुंह गिरा सोना-चांदी, गोल्ड ₹1200 से ज्यादा टूटा; चांदी में ₹4700 की गिरावट

पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्ती: जानिए क्यों अचानक सस्ता हुआ सोना-चांदी

 

मुंबई: वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति घोषणा से ठीक पहले घरेलू वायदा बाजार (MCX) में सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। आज यानी शुक्रवार (5 जून 2026) को बाजार खुलते ही निवेशकों ने भारी बिकवाली की, जिससे सोने और चांदी के दाम औंधे मुंह गिर गए। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के चलते सराफा बाजार में यह बड़ी हलचल देखी जा रही है।

MCX पर सोने और चांदी के ताजा भाव (Latest Rates)

  • सोना हुआ ₹1,200 से ज्यादा सस्ता: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सोने के वायदा भाव की शुरुआत 0.59 फीसदी की कमजोरी के साथ ₹1,58,598 प्रति 10 ग्राम पर हुई थी। लेकिन देखते ही देखते सुबह के कारोबार में सोना ₹1,217 की भारी गिरावट के साथ ₹1,58,330 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

  • चांदी में ₹4,700 से अधिक की बड़ी गिरावट: चांदी की कीमतों में आज सबसे तगड़ा झटका लगा है। चांदी का भाव आज ₹4,772 प्रति किलोग्राम टूटकर ₹2,60,024 पर खुला। हालांकि, कुछ ही देर बाद निचले स्तरों से मामूली सुधार के साथ यह ₹2,61,199 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी।

इंटरनेशनल मार्केट (Global Market) का हाल

वैश्विक स्तर पर भी सोने-चांदी की चमक फीकी पड़ी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 0.5% गिरकर 4,452.20 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। इस पूरे हफ्ते में सोने में अब तक करीब 1.8% की गिरावट आ चुकी है। वहीं, वैश्विक बाजार में चांदी भी 1.4% टूटकर 72.89 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है।

आखिर क्यों अचानक औंधे मुंह गिरे दाम? (3 मुख्य कारण)

1. अमेरिका-ईरान तनाव और सीजफायर का टूटना: पश्चिम एशिया (Middle East) में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ने नए युद्धविराम (सीजफायर) के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसके बाद इजरायल ने भी सेना हटाने से मना कर दिया है। इस भू-राजनीतिक संकट की वजह से वैश्विक बाजार डरा हुआ है।

2. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्ती की आशंका: CME FedWatch टूल के मुताबिक, बाजार को अब 51% यह आशंका है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल के अंत तक ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। अर्थशास्त्रियों के अनुसार, जब भी ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोने जैसे गैर-ब्याज वाले सुरक्षित निवेश के प्रति आकर्षण कम हो जाता है, जिससे कीमतों में गिरावट आती है।

3. RBI पॉलिसी और अमेरिकी रोजगार के आंकड़े: आज भारत में आरबीआई की एमपीसी (MPC) बैठक के फैसले आने हैं, जिस पर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं। इसके अलावा आज ही अमेरिका के मई महीने के नॉन-फार्म पेरोल (रोजगार) के आंकड़े भी जारी होने हैं, जिससे बाजार की अगली दिशा तय होगी।