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Gold Silver Price Today: 4 दिन की तेजी पर लगा ब्रेक, मुनाफावसूली और अमेरिकी नीति से दबाव

एमसीएक्स पर सोना 0.50% फिसला, चांदी में भी नरमी; ट्रंप के टैरिफ बयान, महंगाई आंकड़ों और फेड की नीति को लेकर बढ़ी अनिश्चितता

 

Gold Silver Live 24 February: चार सत्रों की लगातार तेजी के बाद मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में नरमी देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार में निवेशकों ने हालिया तेज उछाल के बाद मुनाफावसूली की, जिससे कीमतों पर दबाव बना।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल डिलीवरी वाला गोल्ड वायदा करीब 0.50% गिरकर ₹1,60,750 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं सिल्वर अप्रैल वायदा 0.20% फिसलकर ₹2,64,972 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।

पिछले कारोबारी सत्र में सोना लगभग 3% उछलकर ₹1,61,598 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जबकि चांदी में 5% तक की जोरदार तेजी दर्ज की गई थी।


अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या रहा हाल?

एशियाई कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड में 0.71% की गिरावट दर्ज की गई और यह 5,187 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं स्पॉट सिल्वर 0.32% टूटकर 86.36 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।

विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता और नीतिगत संकेतों के चलते कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।


गिरावट की मुख्य वजह क्या रही?

1️⃣ ट्रंप का टैरिफ बयान

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद वे आयात शुल्क को 15% तक बढ़ा सकते हैं। यह बयान बाजार में नई अनिश्चितता लेकर आया है।

2️⃣ अमेरिका-ईरान तनाव

मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता को लेकर गतिविधियां तेज हैं। हालांकि ट्रंप ने सैन्य अभियान से जुड़ी अटकलों को खारिज करते हुए कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देने की बात कही है। इसके बावजूद भू-राजनीतिक जोखिम बना हुआ है।

3️⃣ महंगाई के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

अमेरिका में दिसंबर की कोर इंफ्लेशन उम्मीद से ज्यादा रही। जनवरी में भी महंगाई के दबाव के संकेत मिले हैं। इससे संभावना बन रही है कि Federal Reserve निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती से बच सकता है।

ब्याज दरें ऊंची रहने पर सोने जैसी नॉन-यील्डिंग एसेट्स की आकर्षकता कम हो जाती है, जिससे कीमतों में दबाव आ सकता है।


एक्सपर्ट्स की राय क्या कहती है?

विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया गिरावट को ट्रेंड रिवर्सल नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि इसे मुनाफावसूली और बड़ी आर्थिक खबरों पर बाजार की प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जाना चाहिए।

तकनीकी विश्लेषण के अनुसार:

  • सोने के लिए 4,650–4,800 डॉलर का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।
  • 5,200–5,300 डॉलर के ऊपर क्लोजिंग मिलने पर नई तेजी संभव है।

चांदी के लिए रणनीति

  • 70–75 डॉलर का दायरा मजबूत खरीदारी क्षेत्र माना जा रहा है।
  • 92–96 डॉलर के ऊपर बंद होने पर 100–105 डॉलर की ओर बढ़त संभव।
  • औद्योगिक मांग और सप्लाई की कमी मिड से लॉन्ग टर्म में सपोर्ट दे सकती है।


निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

  • अल्पकाल में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
  • भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी आर्थिक आंकड़े दिशा तय करेंगे।
  • जोखिम प्रबंधन के साथ चरणबद्ध निवेश रणनीति अपनाना बेहतर रहेगा।

फिलहाल बाजार बड़ी आर्थिक खबरों और केंद्रीय बैंक की नीतियों पर नजर बनाए हुए है। ऐसे में सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव आगे भी देखने को मिल सकता है।