Gold Silver Price Today: डॉलर की मजबूती से सोना-चांदी लुढ़के, जानें कैसे तय होते हैं गोल्ड-सिल्वर के रेट
MCX पर सोने में गिरावट, चांदी भी फिसली; फेड की नीति पर असमंजस और मजबूत डॉलर का असर
बिजनेस डेस्क, भदैनी मिरर। गुरुवार 19 फरवरी को घरेलू वायदा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। डॉलर के मजबूत होने और अमेरिकी केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति को लेकर बनी अनिश्चितता का असर कीमती धातुओं पर साफ नजर आया।
MCX पर क्या रहे भाव?
Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर शुरुआती कारोबार में:
- सोना 0.04% गिरकर ₹1,55,116 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
- चांदी 0.07% की कमजोरी के साथ ₹2,42,439 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई।
विशेषज्ञों के मुताबिक, डॉलर इंडेक्स 97.73 के स्तर पर पहुंच गया, जो एक सप्ताह से अधिक का उच्च स्तर है। डॉलर मजबूत होने से डॉलर में ट्रेड होने वाली धातुएं अन्य देशों के निवेशकों के लिए महंगी हो जाती हैं, जिससे मांग कमजोर पड़ती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट का रुख देखने को मिला।
- स्पॉट गोल्ड 0.4% गिरकर 4,961.57 डॉलर प्रति औंस
- स्पॉट सिल्वर 0.5% गिरकर 76.83 डॉलर प्रति औंस
- अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स (अप्रैल डिलीवरी) 0.6% टूटकर 4,981 डॉलर
फेड की पिछली बैठक के मिनट्स जारी होने के बाद बाजार में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
फेड नीति को लेकर क्यों बढ़ी अनिश्चितता?
Federal Reserve की जनवरी बैठक के मिनट्स के अनुसार, अधिकारियों के बीच ब्याज दरों को लेकर एकमत राय नहीं है।
- कुछ अधिकारी महंगाई कम होने पर रेट कट की संभावना देख रहे हैं।
- जबकि कुछ का मानना है कि महंगाई दबाव बरकरार रहा तो दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं।
बाजार की नजर अब रोजगार आंकड़ों और पीसीई (Personal Consumption Expenditure) डेटा पर टिकी है, जो फेड का पसंदीदा महंगाई सूचकांक माना जाता है।
गोल्ड-सिल्वर के रेट कैसे तय होते हैं?
अंतरराष्ट्रीय बाजार से तय होता है बेस प्राइस
सोना-चांदी वैश्विक कमोडिटी हैं। इनके दाम लंदन और न्यूयॉर्क जैसे बड़े बाजारों से तय होते हैं।
👉 भारत में कीमत का फॉर्मूला:
- अंतरराष्ट्रीय कीमत + डॉलर-रुपया (USD/INR) विनिमय दर
अगर डॉलर मजबूत या रुपया कमजोर होता है, तो भारत में सोना-चांदी महंगे हो जाते हैं।
किन फैक्टर्स से प्रभावित होते हैं दाम?
- ब्याज दरें
- महंगाई
- वैश्विक आर्थिक स्थिति
- भू-राजनीतिक तनाव
- निवेश मांग (ETF, फ्यूचर्स)
शहर-शहर अलग क्यों होते हैं सोने-चांदी के रेट?
हालांकि बेस प्राइस लगभग समान होता है, लेकिन अंतिम रिटेल कीमत शहर के अनुसार बदल जाती है।
✔ GST समान है, लेकिन लोकल चार्ज अलग हो सकते हैं
✔ ट्रांसपोर्ट और इंश्योरेंस लागत
✔ मांग-आपूर्ति (शादी और त्योहार सीजन)
✔ ज्वेलर्स का मार्जिन
✔ आभूषण में मेकिंग चार्ज
सरल शब्दों में कहें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार से तय बेस रेट में स्थानीय खर्च और ज्वेलर मार्जिन जुड़ने से शहर-शहर थोड़ा फर्क देखने को मिलता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
डॉलर की चाल और फेड की अगली नीति संकेत सोने-चांदी की दिशा तय करेंगे। अगर ब्याज दरों में कटौती के संकेत मिलते हैं तो कीमती धातुओं में फिर तेजी लौट सकती है। फिलहाल बाजार सतर्क नजर आ रहा है।