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Gold Rate Today: सोना ₹1,56,655 पर फिसला, चांदी में ₹4,300 की भारी गिरावट; युद्ध और फेड नीति से बाजार में दबाव

MCX पर सोना 1.14% टूटा, चांदी 1.7% गिरी; मध्य-पूर्व तनाव और ब्याज दरों में कटौती की घटती उम्मीदों से कीमती धातुओं पर दबाव

 

Gold Rate Today 16 March: सप्ताह की शुरुआत के साथ ही सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार (16 मार्च) को शुरुआती कारोबार में सोना 1 प्रतिशत से अधिक फिसल गया, जबकि चांदी के दामों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 1,800 रुपये यानी 1.14 प्रतिशत गिरकर 1,56,655 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, मई डिलीवरी वाली चांदी के वायदा भाव में भी तेज गिरावट आई और यह 4,300 रुपये से अधिक टूटकर 2,55,101 रुपये प्रति किलो पर आ गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव

वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला है। मध्य-पूर्व में जारी युद्ध अब तीसरे सप्ताह में पहुंच गया है और सप्ताहांत में हुए हमलों के दौरान तेल से जुड़े अहम बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया।

इससे कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिसका असर कमोडिटी बाजार पर भी पड़ा। सिंगापुर में सुबह के कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड लगभग 0.7 प्रतिशत गिरकर 4,986.34 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

वहीं चांदी में भी लगभग 0.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई और यह 80.03 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इसके अलावा प्लैटिनम और पैलेडियम की कीमतों में भी नरमी देखी गई।

फेडरल रिजर्व की नीति का भी असर

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक सोने की कीमतों में गिरावट का एक बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर बदलती उम्मीदें हैं।

युद्ध के कारण ऊर्जा कीमतों और महंगाई बढ़ने की आशंका ने इस संभावना को कमजोर कर दिया है कि फेडरल रिजर्व निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती करेगा।

आमतौर पर जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो सोने जैसे निवेश विकल्पों पर दबाव पड़ता है क्योंकि सोना ब्याज नहीं देता।

अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ा बाजार का जोखिम

हाल के दिनों में अमेरिका द्वारा ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्रों पर हमले और इसके जवाब में ईरान द्वारा कुछ अरब देशों पर जवाबी कार्रवाई के बाद मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ गया है।

इससे तेल की कीमतों में उछाल आया है और वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। ऐसे हालात में निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिसका असर कीमती धातुओं के भाव पर भी दिख रहा है।

लंबी अवधि में सोने को मिल सकता है सहारा

विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पकाल में बढ़ती ऊर्जा कीमतें सोने पर दबाव डाल सकती हैं, लेकिन अगर वैश्विक अर्थव्यवस्था स्टैगफ्लेशन (मंदी और महंगाई साथ-साथ) की ओर बढ़ती है, तो निवेशक लंबी अवधि में सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में चुन सकते हैं।

इस वजह से लंबे समय में सोने की मांग फिर बढ़ सकती है।

सोने के आयात मूल्य में कटौती

इस बीच केंद्र सरकार ने सोने की आयात आधार कीमत में भी कमी की है। नई दर के मुताबिक यह कीमत 1664 डॉलर प्रति 10 ग्राम से घटाकर 1652 डॉलर प्रति 10 ग्राम कर दी गई है।

सरकार के इस फैसले से ज्वैलर्स, सोना व्यापारियों और ग्राहकों को कुछ राहत मिल सकती है क्योंकि आयात लागत कम होने की संभावना है।

चांदी के आयात मूल्य में बढ़ोतरी

दूसरी ओर चांदी की आयात आधार कीमत में बढ़ोतरी की गई है। इसे 20 डॉलर प्रति किलो बढ़ाकर 2,820 डॉलर प्रति किलो कर दिया गया है।

हालांकि यह बढ़त सीमित है, इसलिए घरेलू बाजार में चांदी के दामों पर इसका प्रभाव भी सीमित रहने की उम्मीद है।