Gold Price Today: ₹1,400 तक लुढ़का सोना, चांदी ₹2,800 से ज्यादा टूटी; जानें गिरावट की बड़ी वजह
मिडिल ईस्ट तनाव, अमेरिकी आंकड़ों और महंगाई के दबाव से कमजोर पड़ा गोल्ड; निवेशकों का रुख बदला
नई दिल्ली। सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। सोमवार को शुरुआती कारोबार में घरेलू वायदा बाजार Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर सोने का भाव करीब ₹1,400 (लगभग 1%) गिरकर ₹1,48,298 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं चांदी की कीमत में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह ₹2,800 से ज्यादा टूटकर ₹2,29,651 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। सिंगापुर समय के अनुसार सुबह कारोबार में स्पॉट गोल्ड 1.1% गिरकर 4,623.32 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.6% गिरकर 71.88 डॉलर प्रति औंस पर रही।
क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
1. मिडिल ईस्ट तनाव और ऊर्जा संकट
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और Donald Trump की ओर से ईरान को दी गई चेतावनी ने बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है।
तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई का खतरा बढ़ा है, जिससे सोने की मांग पर असर पड़ा है।
2. अमेरिकी मजबूत आर्थिक संकेत
अमेरिका में रोजगार से जुड़े मजबूत आंकड़ों ने यह संकेत दिया है कि अर्थव्यवस्था अभी मजबूत है। इससे Federal Reserve System द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो गई है।
उच्च ब्याज दरें आमतौर पर सोने के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं।
3. महंगाई को लेकर अनिश्चितता
मार्च महीने के महंगाई आंकड़ों को लेकर बाजार सतर्क है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से उपभोक्ता महंगाई बढ़ने की आशंका है, जिससे ब्याज दरें ऊंची बनी रह सकती हैं।
4. निवेशकों का बदला रुख
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक अब सोने जैसे सुरक्षित निवेश (Safe Haven) से पैसा निकालकर अन्य एसेट्स में लगा रहे हैं, जिससे कीमतों पर दबाव बना है।
फरवरी से अब तक 12% से ज्यादा गिरावट
फरवरी के अंत से अब तक सोने की कीमतों में 12% से ज्यादा गिरावट आ चुकी है। यह गिरावट बताती है कि बाजार में निवेशकों का भरोसा फिलहाल कमजोर हुआ है।
एक्सपर्ट की राय
जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी के पूर्व विशेषज्ञ Robert Gottlieb का कहना है कि:
“फिलहाल निवेशक सुरक्षित विकल्पों से दूरी बना रहे हैं। जब तक भू-राजनीतिक स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक सोने में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप के विरोधाभासी बयानों—कभी हमले की चेतावनी तो कभी शांति के संकेत—से बाजार में अस्थिरता और बढ़ी है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
मौजूदा समय में तीन बड़े फैक्टर सोने पर दबाव बना रहे हैं:
- तेल की बढ़ती कीमतें
- महंगाई का खतरा
- ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता
ऐसे में विशेषज्ञ निवेशकों को सतर्क रहने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दे रहे हैं।
डिस्क्लेमर:
कमोडिटी बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।