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Gold Price Fall: औंधे मुंह गिरा सोना, अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने के डर से निवेशकों ने मोड़ा मुंह; कच्चे तेल में भी उबाल

ईरान-इजरायल युद्ध की नई आहट और अमेरिका के मजबूत लेबर मार्केट डेटा ने बिगाड़ा बाजार का मूड, वैश्विक बाजारों में सोने और चांदी की चमक पड़ी फीकी।

 

बिज़नेस डेस्क, भदैनी मिरर: ग्लोबल मार्केट में मची उथल-पुथल का असर कीमती धातुओं पर साफ नजर आ रहा है। सोमवार (8 जून) को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका और मिडिल ईस्ट (Middle East) में ईरान-इजरायल के बीच ताजा हमलों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट

सोमवार को स्पॉट गोल्ड (Spot Gold) की कीमतों में 1% की गिरावट दर्ज की गई और यह गिरकर 4,287.66 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। शुक्रवार को भी कीमतों में 3% की गिरावट देखी गई थी, जो मार्च के बाद का सबसे निचला स्तर है।

  • चांदी (Silver): स्पॉट सिल्वर 2.2% गिरकर 66.33 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

  • प्लेटिनम और पैलेडियम: प्लेटिनम में 2.1% और पैलेडियम में 1.5% की कमी देखी गई।

क्यों गिर रहे हैं दाम? (US Economy & Fed Rate Hike)

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका का मजबूत 'जॉब डेटा' है।

  1. मजबूत लेबर मार्केट: अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने पिछले महीने 1,72,000 नई नौकरियां जोड़ीं, जिससे फेडरल रिजर्व (US Fed) द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना बढ़ गई है।

  2. महंगाई का डर: 'CME FedWatch' टूल के मुताबिक, दिसंबर तक ब्याज दरें बढ़ने की 72% संभावना है। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो बिना ब्याज वाले निवेश जैसे सोने की मांग कम हो जाती है।

  3. ट्रेजरी यील्ड: अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी ने भी सोने पर दबाव बनाया है।

ईरान-इजरायल युद्ध का असर: तेल की कीमतों में उछाल

एक तरफ जहां सोना गिर रहा है, वहीं दूसरी तरफ मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आग लग गई है।

  • इजरायली हमला: इजरायल ने सोमवार को पश्चिमी और मध्य ईरान में सैन्य ठिकानों पर हमला किया। यह हमला तब हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कथित तौर पर इजरायली प्रधानमंत्री को संयम बरतने की सलाह दी थी।

  • तेल के दाम: इस तनाव के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 3 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा का उछाल आया है।

महंगाई का नया खतरा: तेल की बढ़ती कीमतें वैश्विक स्तर पर महंगाई (Inflation) को और बढ़ावा दे सकती हैं। आमतौर पर सोना महंगाई के खिलाफ बचाव (Hedge) माना जाता है, लेकिन उच्च ब्याज दरों के माहौल में इसकी कीमतों में बढ़त फिलहाल रुकी हुई है।

बाजार के आगे के संकेत

क्लीवलैंड फेड की अध्यक्ष बेथ हैमैक के अनुसार, लेबर मार्केट संतुलित है लेकिन महंगाई अभी भी चिंता का विषय है। ऐसे में केंद्रीय बैंक जल्द ही दरों में बढ़ोतरी का फैसला ले सकता है। निवेशकों की नजर अब वैश्विक भू-राजनीतिक (Geopolitical) हालातों और फेडरल रिजर्व के अगले रुख पर टिकी है।